देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। इस बार मामला सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँच गया है। एक महिला अधिकारी ने मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत कर डीएम सविन बंसल पर तानाशाही रवैये, मानसिक उत्पीड़न और कार्यस्थल पर प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सूत्रों के मुताबिक शिकायत में कहा गया है कि महिला अधिकारी को बार-बार अनावश्यक स्पष्टीकरण, मानसिक दबाव, और प्रशासनिक ताकत के दुरुपयोग के जरिए परेशान किया गया। आरोप यह भी हैं कि नियमों और मर्यादाओं को ताक पर रखकर अधिकारी की छवि धूमिल करने और उसे कामकाज में अलग-थलग करने की कोशिश की गई।
सीएम से सीधे शिकायत, क्या होगी उच्चस्तरीय जाँच?
शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुँचने के बाद शासन स्तर पर हलचल तेज हो गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामला महिला उत्पीड़न से जुड़ा होने के कारण इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसे में डीएम सविन बंसल के खिलाफ स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच के आदेश दिए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
पहले भी विवादों में रहे हैं डीएम
यह पहला मौका नहीं है जब डीएम सविन बंसल विवादों में आए हों। इससे पहले भी उनके कार्यशैली को लेकर कठोरता, एकतरफा निर्णय और अधिकारियों पर दबाव जैसे आरोप सामने आते रहे हैं। अब महिला अधिकारी की लिखित शिकायत ने इन आरोपों को और गंभीर बना दिया है।
प्रशासनिक साख पर सवाल
राज्य में जहां एक ओर महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्यस्थल की बात की जाती है, वहीं एक महिला अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुँचना प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन सकता है।
बढ़ सकती हैं डीएम की मुश्किलें
अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या डीएम सविन बंसल के खिलाफ औपचारिक जाँच बैठेगी? क्या आरोपों की तह तक जाकर कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा—यह आने वाले दिनों में साफ होगा।