मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसीकलां में जुगल किशोर ज्वैलर्स की दुकान में हुई करोड़ों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात की साजिश दुकान में पहले काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी ने रची थी। जांच में सामने आया कि आरोपी को शोरूम की सुरक्षा व्यवस्था, चाबियों और अंदर रखे कीमती सामान की अच्छी जानकारी थी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब 7.05 से 7.12 किलोग्राम सोने के आभूषण और करीब 11 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद सोने की कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने गैस कटर, वायर कटर, लॉकर की चाबी, वारदात के समय पहने गए कपड़े और CCTV का DVR भी बरामद करने का दावा किया है।
छत के रास्ते शोरूम में दाखिल हुआ था आरोपी
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने दुकान में घुसने के लिए छत का रास्ता चुना। उसने बंदरों से बचाव के लिए लगी लोहे की जाली को काटा और अंदर दाखिल हुआ। इसके बाद गैस कटर की मदद से आगे का रास्ता बनाया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूर्व कर्मचारी को शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था की जानकारी थी। इसी वजह से उसने सीधे उन जगहों को निशाना बनाया जहां सोना और नकदी रखी जाती थी। चांदी के सामान को उसने नहीं छुआ।
100 से ज्यादा CCTV कैमरों ने खोला राज
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच टीम ने 100 से ज्यादा कैमरों की फुटेज की पड़ताल की और संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाया। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी विष्णु उर्फ पप्पू सोनी पहले इसी ज्वैलरी शोरूम में काम कर चुका था। उसके साथ मोहन सोनी और दो महिलाएं भी गिरफ्तार की गई हैं। पुलिस अब बरामदगी के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि चोरी में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
चार आरोपी गिरफ्तार, बरामद हुआ करोड़ों का माल
पुलिस ने चारों आरोपियों को कोसीकलां क्षेत्र के गोपालबाग से गिरफ्तार किया। कार्रवाई में मथुरा पुलिस के साथ आगरा STF, SOG और स्थानीय पुलिस की टीमें शामिल थीं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के बाकी सामान और वारदात की पूरी साजिश से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
पूर्व कर्मचारी पर ही क्यों गया शक?
इस चोरी में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी ने दुकान के अंदर मौजूद सामान को काफी चुनिंदा तरीके से निशाना बनाया। पुलिस के अनुसार उसे पता था कि किस जगह क्या रखा है और चाबियां कहां मिलेंगी। यही जानकारी जांच को अंदर के किसी जानकार व्यक्ति की ओर ले गई।
मामले के खुलासे के बाद कोसीकलां के सर्राफा कारोबारियों ने भी राहत की सांस ली है। इतनी बड़ी चोरी ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।