उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसानों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। यूपी किसान फसल मुआवजा पाने के लिए अब तक 3 लाख 61 हजार 120 आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन सर्वेक्षण की रफ्तार बेहद धीमी है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से केवल 45,828 आवेदनों का ही सर्वे पूरा हो सका है, जबकि 70 हजार से ज्यादा फाइलों पर अभी काम शुरू भी नहीं हुआ।
कितने आवेदन पात्र, कितने अभी अटके?
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यूपी किसान फसल मुआवजा के लिए आए कुल आवेदनों में से 3 लाख 4 हजार 28 किसान पात्र पाए गए हैं। इनमें से 1 लाख 83 हजार 351 आवेदनों का सर्वे अभी प्रक्रिया में है, जबकि 74,849 आवेदनों पर सर्वेक्षण का काम अभी बाकी है। यानी लाखों किसान अब भी अपने नुकसान की भरपाई के लिए इंतजार कर रहे हैं।
बीमा कंपनियों को मिला सख्त निर्देश
धीमी रफ्तार को देखते हुए कृषि विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों और उप कृषि निदेशकों के जरिए बीमा कंपनियों को जांच समितियां बनाकर जल्द सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया है। कंपनियों से कहा गया है कि किसान की मौजूदगी में ही मौके पर सर्वेक्षण किया जाए, ताकि यूपी किसान फसल मुआवजा जल्द से जल्द किसानों के खातों तक पहुंच सके।
शिकायत के लिए कहां करें संपर्क?
अगर किसी किसान की फसल को नुकसान हुआ है और अब तक सूचना नहीं दी है, तो वे भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447, कृषि विभाग के किसान कॉल सेंटर नंबर 0522-2317003, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, व्हाट्सऐप चैटबॉट नंबर 7065514447 या एनसीआईपी पोर्टल pmfby.gov.in के जरिए दावा दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा बैंक शाखा, कृषि व राजस्व अधिकारी, ग्राम प्रधान या क्षेत्र पंचायत सदस्य के माध्यम से भी व्यक्तिगत क्लेम बीमा कंपनी तक पहुंचाया जा सकता है।
इस सीजन ज्यादा किसानों ने कराया बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मौजूदा खरीफ सीजन में 23.58 लाख किसानों ने बीमा कराया है, जो पिछले सीजन से 2.94 लाख ज्यादा है। पिछले खरीफ सीजन में 20.63 लाख किसानों ने बीमा कराया था, जिनमें से 7.31 लाख किसानों को 812.76 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है।
KCC और फसली ऋण की स्थिति भी सामने आई
विभाग के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष में 83.90 लाख केसीसी बनाने या नवीनीकरण के लक्ष्य में से अब तक 36.09 लाख पूरे हो चुके हैं। वहीं फसली ऋण वितरण के 85,783.09 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 58,103.16 करोड़ रुपये का ऋण किसानों को दिया जा चुका है। यूपी किसान फसल मुआवजा से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए प्रशासन लगातार बीमा कंपनियों पर नजर बनाए हुए है।
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