बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सामने आए अंकित-इसरार दोहरे हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले का मुख्य आरोपी बताए जा रहे मंदिर के महंत नरेशनाथ को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए भिक्षु का रूप धारण कर एक मंदिर के बाहर रह रहा था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
यह मामला चांदीनगर थाना क्षेत्र के लहचौड़ा गांव स्थित गणेश मंदिर से जुड़ा है। 25 जुलाई को सिंगौली तगा गांव के रहने वाले अंकित और उसके दोस्त इसरार घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मंदिर परिसर को लेकर कुछ अहम सुराग मिले।
मंदिर परिसर में खुदाई के बाद मिले शव
पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त को मंदिर परिसर में खुदाई कराई गई। इसी दौरान जमीन के नीचे से अंकित और इसरार के शव बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि शवों को गड्ढे में दबाने के बाद ऊपर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगा दी गई थीं। इससे काफी समय तक जमीन के नीचे हुई वारदात का पता नहीं चल सका।
दोनों शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर मंदिर के महंत नरेशनाथ का नाम सामने आया। पुलिस ने उसके दो कथित शिष्यों को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि मुख्य आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया था।
हत्या के बाद नेपाल पहुंचा था आरोपी
पुलिस की जांच के मुताबिक, दोहरे हत्याकांड के बाद नरेशनाथ पहले हरिद्वार पहुंचा और वहां से नेपाल चला गया। नेपाल में बाढ़ की स्थिति बनने के बाद उसके वापस भारत आने की बात सामने आई। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के कोलकाता पहुंचा और अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा।
पुलिस को उसकी लोकेशन कोलकाता के विधाननगर इलाके में मिली। बताया गया कि आरोपी वहां एक मंदिर के आसपास भिक्षु के रूप में रह रहा था। पुलिस टीम ने उसकी पहचान की पुष्टि के बाद घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रेम संबंध और ब्लैकमेलिंग का एंगल
पुलिस पूछताछ में हत्या के पीछे प्रेम संबंध और कथित ब्लैकमेलिंग का एंगल सामने आने की बात कही गई है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, नरेशनाथ ने पूछताछ में अंकित की बहन के साथ कथित प्रेम संबंध होने की बात बताई। पुलिस के अनुसार अंकित को इस संबंध की जानकारी हो गई थी और उसके पास कुछ तस्वीरें भी थीं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन्हीं तस्वीरों को लेकर कथित तौर पर दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते हत्या की साजिश रची गई। रिपोर्ट के अनुसार दोनों को नशीली दवा मिली चाय पिलाने के बाद हत्या करने और फिर शवों को मंदिर परिसर में छिपाने की बात पूछताछ में सामने आई है। इन दावों की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया में पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस की कार्रवाई से खुला मामला
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बागपत पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने नरेशनाथ पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। पश्चिम बंगाल में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद टीम ने स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई और आखिरकार उसे पकड़ लिया।
अंकित और इसरार के शव मंदिर परिसर से बरामद होने के बाद यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हत्या की पूरी साजिश, इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका और दोनों युवकों की हत्या की परिस्थितियों को लेकर आगे पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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