अल्मोड़ा में अल्मोड़ा मिनिस्ट्रियल कर्मचारी ज्ञापन सीएम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित अपनी 12 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाई है।
ग्रेड पे बढ़ोतरी सहित कई मांगें उठाईं
ज्ञापन में कर्मचारियों ने ग्रेड पे में बढ़ोतरी, सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन और पदोन्नति सहित विभिन्न लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार मांग उठाए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने से संगठन में गहरा असंतोष व्याप्त है।
पूर्व दर्जा मंत्री से की मदद की अपील
कर्मचारियों ने पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक से अनुरोध किया कि वे उनकी मांगों को प्रभावी ढंग से मुख्यमंत्री तक पहुंचाएं और शासन स्तर पर शीघ्र कार्रवाई कराने में सहयोग करें। इस दौरान कर्नाटक ने कर्मचारियों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और उनके निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया।
आंदोलन की दी चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आगे की रणनीति तय कर आंदोलनात्मक कदम उठाने को बाध्य होगा। कर्मचारियों ने कहा कि यह उनकी अंतिम कोशिश नहीं है और जरूरत पड़ने पर वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
शासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद
अल्मोड़ा मिनिस्ट्रियल कर्मचारी ज्ञापन सीएम मामले में अब सभी की निगाहें शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठन को उम्मीद है कि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
कर्मचारियों में लंबे समय से पल रहा है असंतोष
अल्मोड़ा में मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों की मांगों को लेकर यह कोई पहला मामला नहीं है। कर्मचारी संगठन पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगाते आ रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं और उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। इसी कारण अब कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने रखी अपनी बात
ज्ञापन सौंपने के दौरान मंडल महामंत्री पंकज जोशी ने कहा कि मिनिस्ट्रियल कर्मचारी प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ माने जाते हैं, बावजूद इसके उनकी बुनियादी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रेड पे और पदोन्नति जैसे मुद्दे वर्षों से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों के मनोबल पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने शासन से अपील की कि कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए।
पूर्व दर्जा मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
वहीं दूसरी ओर पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगें जायज हैं और शासन को इस पर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे लगातार इस मुद्दे की मॉनिटरिंग करते रहेंगे और जब तक समाधान नहीं होता, तब तक कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे।
आगे की रणनीति पर संगठन की नजर
फिलहाल कर्मचारी संगठन ने शासन को कुछ समय की मोहलत दी है, लेकिन साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में वे जिले के अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर संयुक्त रणनीति भी बना सकते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मिनिस्ट्रियल कैडर के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
रिपोर्टर- राजीव।
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