बदायूं: समाजवादी पार्टी ने “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” और “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान के तहत चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। बदायूं स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में बदायूं सांसद आदित्य यादव ने मतदाता सूची और वोट काटे जाने से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान सपा सांसद ने कहा कि मतदाता सूची में नामों को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
“लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” के तहत कार्यक्रम
समाजवादी पार्टी की ओर से बदायूं में “लोकतंत्र बचाओ सप्ताह” के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी ने “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान के माध्यम से मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की बात कही।
कार्यक्रम में सांसद आदित्य यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
मतदाता सूची को लेकर सांसद ने उठाए सवाल
आदित्य यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर लोगों के नाम काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए महत्वपूर्ण है और इससे जुड़े किसी भी विवाद का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
सपा सांसद ने चुनाव आयोग से इन मुद्दों पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
“वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान चलाएगी सपा
सपा सांसद के मुताबिक पार्टी “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान के माध्यम से मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से संबंधित मुद्दों और मतदाताओं की समस्याओं को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई है।
मतदाता सूची और एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों की ओर से पहले भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इन मामलों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के बीच मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं।
चुनाव आयोग से जवाब की मांग
बदायूं के सपा कार्यालय में हुए कार्यक्रम के दौरान सांसद आदित्य यादव ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है।
फिलहाल यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। सांसद के लगाए गए आरोप राजनीतिक पक्ष के बयान हैं; संबंधित चुनाव प्राधिकरण का जवाब मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
रिपोर्ट: संदीप गुप्ता, बदायूं