जालौन, उत्तर प्रदेश | रिपोर्ट—विकाश गुप्ता
जालौन जिले में सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश और अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार, जिले में करीब 34 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंग, तिल समेत विभिन्न फसलों को नुकसान पहुंचा है। इससे लगभग 53 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। प्रशासन अब प्रभावित किसानों तक शासन की राहत राशि जल्द पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटा है।
जिलाधिकारी समीर के निर्देशन में राहत वितरण की प्रक्रिया को तेज किया गया है। किसानों के अभिलेखों के सत्यापन और पोर्टल पर डाटा फीडिंग का काम तेजी से चल रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार से राहत के लिए भेजे गए प्रस्ताव के सापेक्ष पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ रुपये की धनराशि जिले को प्राप्त हो चुकी है।
34 हजार हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित
जालौन में इस वर्ष सामान्य से अधिक बारिश हुई। इसके अलावा 25, 26 और 27 सितंबर 2026 को हुई भारी अतिवृष्टि से कई क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक करीब 34 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग, तिल और अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं।
फसल नुकसान के चलते करीब 53 हजार किसानों को राहत की जरूरत है। राहत राशि उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से करीब 29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसके बाद प्रदेश सरकार से पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध धनराशि के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
6 हजार से अधिक किसानों का डाटा पोर्टल पर फीड
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील स्तर से किसानों के अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसमें खतौनी समेत जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र किसानों का डाटा पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
अब तक 6 हजार से अधिक किसानों का डाटा पोर्टल पर फीड किया जा चुका है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन किसानों को राहत राशि वितरित किए जाने की तैयारी है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
पशुहानि और क्षतिग्रस्त मकानों में भी मिली सहायता
अतिवृष्टि से फसल के अलावा अन्य संपत्तियों को भी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन के अनुसार, दो पशुहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को कुल 75 हजार रुपये की राहत दी जा चुकी है।
वहीं, 577 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष प्रभावित परिवारों को 23 लाख रुपये से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन की ओर से अन्य क्षति के मामलों में भी पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।
59 हजार बीमित किसानों को फसल बीमा का इंतजार
फसल नुकसान के बाद बीमित किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए भी प्रशासन सक्रिय है। जिले में करीब 59 हजार किसान फसल बीमा से बीमित बताए गए हैं।
अब तक करीब 33 हजार किसानों का डाटा पोर्टल पर अपडेट किया जा चुका है, जबकि 22,304 किसानों का सर्वे पूरा हो चुका है। प्रशासन और बीमा कंपनी के बीच हुई बैठक में क्षतिपूर्ति वितरण की प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2026 से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीमा लाभ के लिए हेल्पलाइन पर पंजीकरण की अपील
जिलाधिकारी ने बीमित किसानों से अपील की है कि वे फसल क्षति की क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए बीमा कंपनी की हेल्पलाइन 14447 पर आवश्यक पंजीकरण अवश्य कराएं। इससे बीमा संबंधी दावे की प्रक्रिया में किसानों को सुविधा मिल सकेगी।
डीएम ने यह भी कहा कि बटाई या पट्टे पर भूमि लेकर खेती करने वाले किसानों को भी नियमानुसार राहत और क्षतिपूर्ति दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पात्र किसानों तक राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि अतिवृष्टि से प्रभावित कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे। इसके लिए राजस्व विभाग और तहसील स्तर पर अभिलेखों के सत्यापन तथा डाटा फीडिंग की प्रक्रिया को गति दी जा रही है।
डीएम समीर ने संबंधित अधिकारियों को राहत वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से फसल, मकान और पशुहानि समेत अन्य प्रभावित मामलों में पात्र परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
बाइट: समीर, जिलाधिकारी जालौन