उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सामने आए Baghpat Murder Case ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यहां दो जिगरी दोस्तों की हत्या के बाद उनके शव मंदिर परिसर में दफनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, शवों को छिपाने के लिए कथित तौर पर उनके ऊपर टाइल्स भी लगवा दी गईं। पुलिस जांच में मंदिर के पुजारी की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद वह फरार बताया जा रहा है।
Baghpat Murder Case में कैसे हुआ खुलासा?
जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान अंकुर कुमार और इसरार अहमद के रूप में हुई है। दोनों करीबी दोस्त थे और पिछले कई दिनों से लापता थे। परिवार वालों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्ध परिस्थितियों में मंदिर परिसर की खुदाई कराई। खुदाई के दौरान दोनों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया।
मंदिर परिसर में दफन मिले शव
जांच एजेंसियों के अनुसार, शव मंदिर के भीतर एक गड्ढे में दबे मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शवों को दफनाया गया और ऊपर से टाइल्स बिछा दी गईं ताकि किसी को शक न हो। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
पुजारी पर क्यों गया शक?
Baghpat Murder Case की जांच में मंदिर के मुख्य पुजारी का नाम सामने आया है। पुलिस का कहना है कि शव मिलने के बाद से पुजारी गायब है और उसकी तलाश की जा रही है। फरार होने की वजह से उस पर शक और गहरा गया है। जांच टीम पुजारी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।
हिंदू-मुस्लिम दोस्ती की भी हो रही चर्चा
इस मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा है क्योंकि मृतक अलग-अलग समुदायों से थे, लेकिन दोनों की दोस्ती पूरे इलाके में मिसाल मानी जाती थी। अंकुर कुमार और इसरार अहमद अक्सर साथ देखे जाते थे। उनकी मौत के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि Baghpat Murder Case की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। साथ ही फरार पुजारी की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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