बहराइच में तहसील समाधान दिवस के दौरान सामने आई तस्वीर चर्चा में
बहराइच जिले के पयागपुर में आयोजित तहसील समाधान दिवस के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यक्रम में जहां अधिकारी फरियादियों की समस्याएं सुनने और उनके मामलों के समाधान की प्रक्रिया में जुटे थे, वहीं बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के मोबाइल फोन पर क्रिकेट मैच देखते नजर आने का दावा किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह तस्वीर उस समय की है, जब तहसील समाधान दिवस में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। तस्वीर में संबंधित अधिकारी के सामने डायरी रखी दिखाई दे रही है और उसके पीछे मोबाइल फोन पर नजर आती स्क्रीन को लेकर दावा किया जा रहा है कि उस पर क्रिकेट मैच देखा जा रहा था।
फरियादी अपनी बारी का करते रहे इंतजार
तहसील समाधान दिवस का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने पहुंचाकर उनका समाधान कराना है। ऐसे में यदि किसी अधिकारी के कार्यक्रम के दौरान मोबाइल पर क्रिकेट देखने की तस्वीर सामने आती है, तो स्वाभाविक रूप से उसकी कार्यशैली और कार्यक्रम की गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगते हैं।
मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी इस तस्वीर को लेकर चर्चा होने की बात सामने आई है। लोगों का कहना है कि समाधान दिवस में दूर-दराज से फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं और उन्हें उम्मीद रहती है कि अधिकारी उनकी बात गंभीरता से सुनेंगे।
जिलाधिकारी की मौजूदगी में तस्वीर ने बढ़ाई चर्चा
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला जिलाधिकारी बहराइच राजेश कुमार पांडे की मौजूदगी में आयोजित तहसील समाधान दिवस से जुड़ा है। ऐसे में अधिकारी के मोबाइल पर क्रिकेट देखते नजर आने वाली तस्वीर को लेकर चर्चा और भी बढ़ गई है।
हालांकि, तस्वीर या वीडियो के आधार पर किसी अधिकारी की मंशा पर सीधे तौर पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल स्क्रीन पर वास्तव में क्या देखा जा रहा था और तस्वीर किस समय की है। ऐसे में संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
समाधान दिवस की व्यवस्था पर उठे सवाल
तहसील समाधान दिवस में प्रशासन की ओर से अधिकारियों की जिम्मेदारी तय रहती है कि वे फरियादियों की शिकायतें सुनें और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दें। ऐसे कार्यक्रम में अधिकारियों की सक्रिय मौजूदगी जनता के विश्वास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसी वजह से मोबाइल फोन पर क्रिकेट देखते नजर आने की तस्वीर ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है। अब सवाल यह है कि क्या संबंधित अधिकारी वास्तव में शिकायतों की सुनवाई के दौरान मोबाइल पर क्रिकेट देख रहे थे या तस्वीर का संदर्भ कुछ और था।
मामले में संबंधित अधिकारी का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल तस्वीर को लेकर लोग तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।
रिपोर्ट: कृष्ण चंद्र शुक्ला, बहराइच