उत्तराखंड में चार अक्टूबर को चंपावत के बनबसा में प्रस्तावित धामी कैबिनेट की बैठक को लेकर राजनीति गरमा गई है। बनबसा कैबिनेट बैठक पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार को घेरा है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए सरकार के फैसले का बचाव किया है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बयानों से प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
चार अक्टूबर को बनबसा में प्रस्तावित है बैठक
धामी सरकार की कैबिनेट बैठक चार अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा में प्रस्तावित है। सरकार की ओर से इसे दूरस्थ क्षेत्रों में बैठक करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। बैठक को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां भी चल रही हैं। इसी बीच विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बयान सामने आने लगे हैं।
गणेश गोदियाल ने सरकार से पूछे सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार के इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जहां भी कैबिनेट करे, लेकिन पहले यह बताए कि प्रदेश के संसाधनों की नीलामी माफियाओं के हाथों में करने से जनता को क्या लाभ मिला। गोदियाल के अनुसार सरकार को कैबिनेट की जगह से ज्यादा जनता के हित से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
बाइट – गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बनबसा में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे जहां भी कैबिनेट करे, लेकिन पहले यह बताए कि प्रदेश के संसाधनों की नीलामी माफियाओं के हाथों में करने से जनता को क्या लाभ मिला। गोदियाल ने नौकरी बेचने के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच आगे क्यों नहीं बढ़ी, इसका जवाब भी सरकार को देना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल खड़े किए।
नौकरी और अंकिता भंडारी मामले पर भी उठाए सवाल
गोदियाल ने नौकरी बेचने के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच के आगे न बढ़ने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा विधायकों द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार की चुप्पी को लेकर भी निशाना साधा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। ये बातें कांग्रेस नेता के बयान के रूप में सामने आई हैं।
भाजपा ने किया पलटवार
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने जवाब दिया है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान के मुताबिक सरकार अंत्योदय के सिद्धांत के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों को अंतिम नहीं, बल्कि प्रथम गांव बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। भाजपा का कहना है कि सरकार का ध्यान सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास पर है।
दूरस्थ क्षेत्रों में होगी कैबिनेट
मनवीर चौहान ने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें दूरस्थ क्षेत्रों में होंगी और वहीं से फैसले लिए जाएंगे। भाजपा का तर्क है कि इससे दूरदराज के इलाकों को सरकार के फैसलों से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी। चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह बौखलाहट में बयानबाजी कर रही है।
बयानबाजी से बढ़ी सियासी हलचल
बनबसा कैबिनेट बैठक को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बयानों से राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे सीमांत क्षेत्रों के विकास से जोड़कर देख रही है। अब सभी की नजर चार अक्टूबर की बैठक पर है, जिसमें लिए जाने वाले फैसलों से यह साफ होगा कि सरकार दूरस्थ क्षेत्रों के लिए क्या घोषणाएं करती है।
रिपोर्ट :- आकाश, देहरादून (उत्तराखंड)।
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