चित्रकूट। चित्रकूट जनपद के राजापुर तहसील क्षेत्र में दशकों से बह रही नाली का रास्ता बंद किए जाने से ग्रामीण परेशान हैं। चित्रकूट नाली विवाद के चलते गांव नादिन कुर्मीयान में कई घरों में पानी भर गया है, जबकि एक ग्रामीण का कच्चा मकान ढह गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि दबंगों ने जल निकासी का रास्ता रोक दिया है। उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे पीड़ित ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार गांव के सभी घरों का पानी जिस नाली से बाहर जाता था, उसे बंद कर दिया गया है। पानी की निकासी रुकने से नाली का गंदा पानी घरों में घुस रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण जल निकासी की मांग के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
ग्रामीणों का कहना है कि वहां उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अपनी परेशानी समाज सेविका अर्चना नितिन उपाध्याय को बताई।
समाज सेविका पहुंचीं गांव, दोनों पक्षों से की बात
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद समाज सेविका अर्चना नितिन उपाध्याय उनका दर्द जानने गांव नादिन कुर्मीयान पहुंचीं। उन्होंने दोनों पक्षों से बातचीत कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया।
समाज सेविका के अनुसार दूसरा पक्ष अपनी बात पर अड़ा रहा और नाली खोलने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने राजापुर की एसडीएम पूजा गुप्ता से मुलाकात की और समस्या के समाधान के लिए ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों के आरोप: शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से पैसे लेकर अपनी मौजूदगी में जल निकासी वाली जगह पर दीवार खड़ी करवा दी। इससे वे न्याय के लिए भटक रहे हैं।
अर्चना नितिन उपाध्याय के अनुसार नाली बंद करने का विरोध करने पर कुछ ग्रामीणों के साथ मारपीट भी की गई। ये सभी आरोप ग्रामीणों और समाज सेविका की ओर से लगाए गए हैं। इन पर दूसरे पक्ष या पुलिस प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
बीमारी फैलने और घर गिरने का खतरा
समाज सेविका ने चिंता जताई है कि गंदे पानी का जलभराव लंबे समय तक रहने से क्षेत्र में बीमारी फैल सकती है। इसके साथ ही कच्चे घरों के गिरने का खतरा भी बना हुआ है। एक कच्चा घर पहले ही ढह चुका है।
बरसात और जलभराव के हालात में कच्चे मकान जल्दी कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों को डर है कि समय पर निकासी नहीं हुई तो और परिवार प्रभावित हो सकते हैं।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और समाज सेविका ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। समाज सेविका का कहना है कि स्थानीय प्रशासन अब तक मौन बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वयं दीवार गिराने की बात कह रही हैं, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना होगा कि प्रशासन चित्रकूट नाली विवाद पर कब तक कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को जलभराव से राहत मिलती है या नहीं।
नादिन कुर्मीयान के ग्रामीण जलभराव से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना होगा कि चित्रकूट नाली विवाद पर कब कार्रवाई होती है और पीड़ितों को न्याय मिलता है।
रिपोर्ट: ओम प्रकाश, चित्रकूट
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