देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वर्गीय पिता के तर्पण और श्राद्ध की तस्वीरों पर कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से की गई टिप्पणियों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इन टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
भाजपा प्रवक्ता ने जताया कड़ा ऐतराज
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में पितरों के लिए श्राद्ध एक अत्यंत पवित्र संस्कार माना जाता है। उनके अनुसार, ऐसे संस्कार पर अमर्यादित टिप्पणी करके कांग्रेस ने सनातन आस्था की सीमा लांघी है।
हनी पाठक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार सनातन और लोगों की आस्था का अपमान करती रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पारिवारिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर राजनीतिक टिप्पणी करना किसी भी स्तर पर उचित नहीं है।
दोहरे मापदंड पर सवाल
भाजपा ने राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ पर तंज कसते हुए व्यापारी से मारपीट के आरोपी मोहम्मद दीपक के समर्थन का मुद्दा उठाया। पार्टी ने पूर्व में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कांग्रेस के दोहरे मापदंडों पर सवाल खड़े किए।
सत्ता की हैट्रिक का दावा
हनी पाठक ने धामी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा विकास और सुशासन के दम पर उत्तराखंड में सत्ता की हैट्रिक लगाएगी।
‘मोहब्बत की दुकान’ पर तंज
भाजपा ने राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ पर भी तंज कसा। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस एक ओर मोहब्बत की बात करती है, जबकि दूसरी ओर उसके रवैये में दोहरे मापदंड दिखाई देते हैं।
भाजपा ने व्यापारी से मारपीट के आरोपी मोहम्मद दीपक के समर्थन का मुद्दा उठाया। साथ ही पूर्व में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कांग्रेस से सवाल पूछे।
धामी सरकार की योजनाओं का जिक्र
हनी पाठक ने धामी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा विकास और सुशासन के दम पर उत्तराखंड में सत्ता की हैट्रिक लगाएगी।
सियासी बयानबाजी के बीच उठे सवाल
धार्मिक और पारिवारिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर राजनीतिक टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस से जवाब मांगा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक का कहना है कि श्राद्ध जैसे पवित्र संस्कार की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी राजनीतिक दल को ऐसे विषयों पर टिप्पणी करते समय संयम बरतना चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है।
दोनों दलों के बीच बढ़ सकती है तकरार
प्रदेश में राजनीतिक माहौल पहले से ही सरगर्म है। ऐसे में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला आगे बढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं। भाजपा ने साफ किया है कि वह इस मामले को लेकर कांग्रेस से जवाबदेही की मांग करती रहेगी। वहीं, कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आस्था और राजनीति की मर्यादा
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इस सवाल को सामने रखा है कि सार्वजनिक जीवन में आस्था और निजी पारिवारिक संस्कारों से जुड़े विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी की सीमा क्या होनी चाहिए। जानकारों का मानना है कि राजनीतिक विमर्श में शालीनता बनी रहे तो लोकतंत्र की गरिमा भी बनी रहती है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री धामी के पिता के श्राद्ध की तस्वीरों पर हुई टिप्पणी ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर टिकी है। कांग्रेस का पक्ष मिलने पर उसे इसी खबर में जोड़ा जाएगा।
रिपोर्ट—आकाश, देहरादून।
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