जालौन/उरई | रिपोर्ट: विकाश गुप्ता
जालौन जिले के तहसील क्षेत्र के हथना गांव में तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तालाब के किनारे कई परिवार रहते हैं और आसपास बच्चों की भी आवाजाही रहती है। ऐसे में मगरमच्छ की मौजूदगी सामने आने के बाद ग्रामीण किसी अनहोनी को लेकर चिंतित हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव के तालाब के आसपास लगातार लोगों की आवाजाही रहती है। स्थानीय लोग विभिन्न कामों के लिए तालाब के आसपास पहुंचते हैं, जबकि बच्चे भी आसपास खेलते रहते हैं। मगरमच्छ दिखाई देने के बाद लोगों ने तालाब के नजदीक जाने से बचना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो किसी हादसे की आशंका बनी रह सकती है।
तालाब के किनारे बसे परिवारों में चिंता
हथना गांव में जिस तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया है, उसके किनारे कई परिवार रहते हैं। इन परिवारों में छोटे बच्चे भी हैं। मगरमच्छ की मौजूदगी की जानकारी सामने आने के बाद अभिभावक बच्चों को तालाब के आसपास जाने से रोक रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब बड़ा होने के कारण उसमें मौजूद मगरमच्छ को पकड़ना आसान नहीं होगा। यही वजह है कि लोग वन विभाग से विशेषज्ञ टीम की मदद से सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब के आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के आसपास निगरानी बढ़ाने और लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने की भी मांग की है।
ग्राम प्रधान ने क्या कहा?
ग्राम प्रधान आशीष पांचाल ने बताया कि तालाब को खाली कराने के संबंध में अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से यदि तालाब को खाली कराने या मगरमच्छ के रेस्क्यू को लेकर कोई निर्देश मिलता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान के मुताबिक ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मगरमच्छ के दिखाई देने के बाद लोगों में स्वाभाविक रूप से चिंता बढ़ी है।
वन विभाग ने बताया रेस्क्यू का तरीका
वहीं वन विभाग के रेंजर कोमल सिंह के मुताबिक तालाब काफी बड़ा है। ऐसे में पानी मौजूद रहने की स्थिति में मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने बताया कि पानी खाली होने के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सकेगा।
वन विभाग के इस बयान के बाद ग्रामीणों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि तालाब के किनारे आबादी होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित
मगरमच्छ दिखाई देने के बाद सबसे ज्यादा चिंता बच्चों को लेकर जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार बच्चे अक्सर घरों के आसपास और तालाब के किनारे खेलते हैं। तालाब में मगरमच्छ होने की जानकारी के बाद परिवार बच्चों को वहां जाने से रोक रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक मगरमच्छ का रेस्क्यू नहीं हो जाता, तब तक तालाब के आसपास लोगों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही वन विभाग की टीम द्वारा नियमित रूप से स्थिति का जायजा लिया जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की संभावना को कम किया जा सके।
फिलहाल हथना गांव के ग्रामीणों की नजर प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। तालाब बड़ा होने के कारण मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू को लेकर वन विभाग ने पानी खाली होने की स्थिति को महत्वपूर्ण बताया है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग कब तक आवश्यक कदम उठाता है और तालाब में मौजूद मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाता है।
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