जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पुलिस ने मंदिर में चोरी की घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस, चोरी किए गए पीतल के घंटे, नकदी, चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और एक बाइक बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई सर्विलांस, एसओजी और कालपी कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस टीम झांसी-कानपुर हाईवे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने भागने की कोशिश की और इसी दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनी।
कालपी के मंदिर में हुई थी चोरी
पुलिस के अनुसार, बीती 16 सितंबर की रात कालपी कोतवाली क्षेत्र के उसरगांव स्थित मंदिर में चोरी की घटना हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश के लिए सर्विलांस तथा एसओजी टीम को लगाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। पुलिस के अनुसार, इसी क्रम में झांसी-कानपुर हाईवे पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार तीन संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई।
मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में लगी गोली
पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की कार्रवाई में कानपुर देहात के भोगनीपुर निवासी संदीप के पैर में गोली लग गई।
गोली लगने के बाद पुलिस ने घायल आरोपी को हिरासत में लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी के खिलाफ पहले से भी दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य मामलों में उसकी भूमिका की जानकारी जुटा रही है।
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी के दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कानपुर देहात निवासी बलराम और लाला के रूप में बताई गई है।
पूछताछ में मंदिर चोरी की बात कबूलने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने उसरगांव स्थित मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले भी जिले या आसपास के क्षेत्रों में मंदिरों अथवा अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। साथ ही पुलिस बरामद सामान के संबंध में भी आगे की जांच कर रही है।
26 पीतल के घंटे और 12 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की घटना से संबंधित सामान बरामद करने का दावा किया है। बरामदगी में 26 पीतल के घंटे और 12 हजार रुपये की नकदी शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने एक तमंचा, दो कारतूस, चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। बरामद सामान को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद सभी वस्तुएं उसी मंदिर से संबंधित हैं या अन्य घटनाओं से भी इनका संबंध है।
सर्विलांस और एसओजी की मदद से पहुंची पुलिस आरोपियों तक
मंदिर में चोरी की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी निगरानी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई। सर्विलांस टीम, एसओजी और कालपी कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद संदिग्धों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अपराध की रोकथाम के लिए हाईवे और प्रमुख मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम को संदिग्ध बाइक सवारों के बारे में जानकारी मिली और कार्रवाई की गई।
पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी के सामान को कहां खपाया जाना था और इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।
पुलिस द्वारा बरामद किए गए तमंचे और कारतूस को लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। घायल आरोपी का उपचार कराया जा रहा है। मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मंदिर चोरी की घटना के खुलासे के साथ ही बरामद सामान को जांच में शामिल किया गया है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
रिपोर्ट: विकास गुप्ता
स्थान: जालौन