कानपुर। घाटमपुर क्षेत्र के इटरा गांव में देर रात नहर की खांधी कटने से अचानक पानी का तेज बहाव गांव की ओर बढ़ने लगा। आबादी की तरफ पानी आता देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने आसपास के लोगों को सूचना देकर सतर्क किया और खुद मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश शुरू कर दी।
देर रात गांव की ओर बढ़ने लगा पानी
बताया जा रहा है कि नहर की खांधी कटने के बाद पानी तेजी से खेतों और गांव की ओर बढ़ने लगा। रात के समय पानी का बहाव बढ़ता देखकर ग्रामीणों को घरों और आबादी वाले क्षेत्र में पानी पहुंचने की आशंका सताने लगी। इसके बाद कई ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीणों के अनुसार, पानी की रफ्तार को देखते हुए अगर समय रहते बहाव को नियंत्रित नहीं किया जाता तो गांव के अन्य हिस्से भी प्रभावित हो सकते थे। इसके चलते लोगों ने आपसी सहयोग से पानी को रोकने के प्रयास शुरू किए।
फावड़े लेकर खांधी बांधने में जुटे ग्रामीण
नहर की कटी खांधी को बंद करने के लिए ग्रामीण फावड़े लेकर मौके पर पहुंचे। लोगों ने मिट्टी और उपलब्ध संसाधनों की मदद से कटाव वाले स्थान को बांधने का प्रयास किया। रात के समय भी ग्रामीणों की भीड़ मौके पर मौजूद रही और पानी के बहाव को कम करने के लिए प्रयास जारी रखे।
ग्रामीणों का कहना है कि नहर से आने वाले पानी पर तत्काल नियंत्रण जरूरी है, ताकि पानी आबादी तक न पहुंच सके। ग्रामीणों ने स्थिति बिगड़ने की स्थिति में घरों और रास्तों पर जलभराव होने की आशंका भी जताई है।
बारिश के बीच बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
घाटमपुर क्षेत्र में बारिश के कारण पहले से ही कई स्थानों पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति सामने आती रही है। ऐसे में नहर की खांधी कटने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। गांव की ओर बढ़ता पानी खेतों के साथ-साथ आबादी वाले क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है।
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है। साथ ही कटी हुई खांधी को जल्द दुरुस्त कराने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने की मांग की गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर स्थिति को संभालने और पानी के बहाव को रोकने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नहर की स्थिति की जांच करे और स्थायी रूप से खांधी की मरम्मत कराए, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो।
अब निगाह इस बात पर है कि नहर की खांधी कटने की सूचना के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर कब पहुंचती है तथा गांव को संभावित जलभराव से बचाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
रिपोर्टर: सुनील कुमार, कानपुर