नौबस्ता थाना प्रभारी पर बिना उचित जांच के मुकदमा दर्ज करने और शिकायतकर्ता को कथित रूप से धमकाने के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में मोहम्मद नफीस ने डीसीपी साउथ को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने क्षेत्रीय दबंगों और कथित भूमाफिया के खिलाफ शिकायत करने के बाद खुद पर दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है।
मोहम्मद नफीस के मुताबिक, उन्होंने क्षेत्र में सरकारी जमीन की कथित बिक्री और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों को लेकर कई लोगों के खिलाफ शिकायतें की थीं। उनका आरोप है कि इन शिकायतों के बाद उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ा और शिकायतें बंद करने के लिए कहा गया।
थाने बुलाकर धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायतों के संबंध में उसे नौबस्ता थाने बुलाया गया। नफीस के मुताबिक, थाने में उससे शिकायतें बंद करने को कहा गया और ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसे हिस्ट्रीशीट खोलने और जेल भेजने की धमकी भी दी गई। इसके अलावा कई घंटे तक थाने में बैठाए रखने के बाद छोड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस संबंध में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
21 सितंबर को मुकदमा दर्ज होने पर उठाए सवाल
मोहम्मद नफीस ने 21 सितंबर 2026 को अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए इसे कथित साजिश का नतीजा बताया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ उसने शिकायतें की थीं, उन्हीं के प्रभाव के चलते उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
नफीस ने डीसीपी साउथ को दिए शिकायती पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की परिस्थितियों और उससे पहले उनके द्वारा की गई शिकायतों की भी जांच की जानी चाहिए।
थाना प्रभारी और विपक्षियों के फोन संपर्क की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में नौबस्ता थाना प्रभारी और विपक्ष में शामिल बताए जा रहे लोगों के बीच कथित फोन संपर्क की भी जांच कराने की मांग की है। नफीस का कहना है कि यदि फोन कॉल और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जाए तो मामले से जुड़े कई पहलू सामने आ सकते हैं।
उन्होंने डीसीपी साउथ से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
डीसीपी साउथ ने दिया जांच का आश्वासन
शिकायत मिलने के बाद डीसीपी साउथ ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और 21 सितंबर को दर्ज मुकदमे के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। पुलिस जांच के बाद ही थाने में कथित दबाव, धमकी, मुकदमे की प्रक्रिया और संबंधित लोगों के बीच कथित संपर्क को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल मोहम्मद नफीस की शिकायत के बाद मामला जांच के दायरे में है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं डीसीपी साउथ की ओर से जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और कथित दबाव की स्थिति भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।