हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गई दो जान
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के केशवपुरम में स्थित बालाजी अपार्टमेंट में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में एक तीसरा मजदूर रिजवान भी गंभीर रूप से झुलस गया, जिसका फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुआवजे की मांग को लेकर स्कूल गेट पर प्रदर्शन
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों समेत 100 से अधिक लोगों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने दोनों मृतकों के शव कानपुर पब्लिक स्कूल के गेट पर रख दिए और वहीं धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता, वे शव नहीं उठाएंगे और धरना जारी रखेंगे।
फ्लैट मालकिन से बातचीत की मांग, नहीं मिल रहा जवाब
बताया जा रहा है कि हादसा जिस बालाजी अपार्टमेंट में हुआ, उसकी फ्लैट मालकिन रीना सिंह से मुआवजे को लेकर बातचीत की मांग की जा रही है, लेकिन वह बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं। इससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया है। परिजनों का आरोप है कि जिम्मेदार लोग जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं, जबकि हादसे में दो जिंदगियां चली गईं।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति पर नजर
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को शांत कराने का प्रयास कर रही है। हालांकि परिजन और स्थानीय लोग मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं और धरना खत्म करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के बीच मामले को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।
अस्पताल में झुलसे मजदूर का चल रहा इलाज
हादसे में झुलसे तीसरे मजदूर रिजवान की हालत को देखते हुए उसका अस्पताल में इलाज जारी है। परिवार और साथी मजदूर उसकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घायल मजदूर के इलाज का पूरा खर्च भी वहन किया जाए।
हादसे के वक्त की स्थिति और स्थानीय लोगों की गवाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में हाईटेंशन लाइन काफी नीचे से गुजरती है और लंबे समय से इसकी शिकायत की जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। मजदूरों के मुताबिक हादसे वाले दिन निर्माण कार्य के दौरान अचानक करंट की चपेट में आने से दोनों मजदूर मौके पर ही झुलस गए, जबकि तीसरा साथी रिजवान भी बुरी तरह घायल हो गया। आसपास काम कर रहे अन्य मजदूरों ने शोर मचाकर लोगों को घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान लोहे की सरिया हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई, जिससे तेज धमाके की आवाज सुनाई दी और मजदूर करंट की चपेट में आ गए।
लापरवाही को लेकर उठे सवाल, जांच के आदेश
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिजली विभाग और भवन मालिक दोनों की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट कराने या सुरक्षा उपाय अपनाने की जिम्मेदारी भवन मालिक की थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। स्थानीय पार्षद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। इलाके के लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी तय की जाएगी और नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील कर रही है, ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
रिपोर्टर: सुनील कुमार
ये भी पढ़ें: