देहरादून। उत्तराखंड में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे विधानसभा सीटों पर राजनीतिक हलचल भी तेज हो रही है। कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले चकराता विधानसभा क्षेत्र में खजान दास की बढ़ती आवाजाही को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा है। इस पर विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
चकराता सीट पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
चकराता विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की सक्रियता को लेकर चर्चाएं स्वाभाविक रूप से तेज हो गई हैं। कैबिनेट मंत्री खजान दास के चकराता क्षेत्र में बढ़ते दौरों को देखते हुए राजनीतिक जानकारों के बीच अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
चुनाव लड़ने की अटकलें, पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं
खजान दास की सक्रियता को देखते हुए सियासी हलकों में यह चर्चा भी है कि वे चकराता से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पार्टी ने चकराता सीट को लेकर किसी चेहरे का ऐलान भी नहीं किया है। ऐसे में यह चर्चा फिलहाल अटकलों तक ही सीमित है।
बाइट : मुन्ना सिंह चौहान, विधायक विकासनगर
खजान दास चकराता में बढ़ती सक्रियता को लेकर सियासी चर्चा तेज है। विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि खजान दास भाजपा के वरिष्ठ विधायक और मंत्री हैं। चकराता, विकासनगर, सहसपुर, धनोल्टी, पुरोला और यमुनोत्री उनके घरेलू क्षेत्र हैं, इसलिए यहां उनका आना-जाना स्वाभाविक है। भाजपा ने चकराता सीट पर अभी किसी चेहरे की घोषणा नहीं की है। फिलहाल 2027 चुनाव की रणनीति को लेकर कयास जारी हैं।
मुन्ना सिंह चौहान ने क्या कहा
इस पूरे मामले पर विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि खजान दास भाजपा के वरिष्ठ विधायक, वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ मंत्री हैं। ऐसे में उनका अलग-अलग क्षेत्रों में जाना और लोगों से मिलना सामान्य बात है।
मुन्ना सिंह चौहान के अनुसार चकराता, विकासनगर, सहसपुर, धनोल्टी, पुरोला और यमुनोत्री जैसे क्षेत्र खजान दास के आसपास के घरेलू क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में उनका आना-जाना और लोगों से घनिष्ठ संबंध होना स्वाभाविक है।
क्या 2027 के लिए बन रही है रणनीति
मुन्ना चौहान के बयान के बाद अब राजनीतिक सवाल यह है कि खजान दास की चकराता में सक्रियता क्या केवल संगठनात्मक और व्यक्तिगत संपर्कों तक सीमित है। या फिर इसके पीछे 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कोई बड़ी रणनीति भी तैयार हो रही है। इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। न तो पार्टी की ओर से कोई संकेत मिला है और न ही संबंधित नेताओं ने अपनी मंशा साफ की है।
भाजपा ने अब तक नहीं खोले पत्ते
चकराता सीट को लेकर भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी की ओर से किसी उम्मीदवार का नाम तय या घोषित नहीं किया गया है। इसके बावजूद खजान दास की लगातार बढ़ती सक्रियता ने इस सीट पर राजनीतिक चर्चा को जरूर हवा दी है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच भी इसकी चर्चा सुनाई दे रही है।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
चकराता में भाजपा की हलचल के बीच खजान दास के नाम की चर्चा ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि यह सक्रियता केवल राजनीतिक संपर्कों तक सीमित रहती है या आने वाले दिनों में चकराता की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई देता है। चुनाव करीब आने के साथ ही इस सीट पर सभी राजनीतिक दलों की रणनीति पर लोगों की नजर बनी रहेगी।
रिपोर्ट: आकाश, देहरादून।
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