बुलंदशहर जिले के खुर्जा क्षेत्र में खुर्जा नाला प्रशासन लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां लाखों रुपये की लागत से बनी नाले की सड़क को जेसीबी से तोड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद नाले के किनारे सुरक्षा दीवार बनाने की जहमत तक नहीं उठाई गई। नतीजा यह है कि आए दिन राहगीर नाले में गिरकर हादसों का शिकार हो रहे हैं।
लाइव वीडियो ने खोली प्रशासन की पोल
इस पूरे मामले को उजागर करने वाला एक लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को नाले में गिरते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। खुर्जा नाला प्रशासन लापरवाही से जुड़ा यह वीडियो अब जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मिनी बाईपास के रूप में बना है यह मार्ग
बता दें कि यह मार्ग बस स्टैंड से किला मार्ग होते हुए जंक्शन रोड तक मिनी बाईपास के रूप में बनाया गया है। इस मार्ग पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन और पैदल राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क टूटने और सुरक्षा दीवार न होने से यहां से गुजरना बेहद खतरनाक हो गया है।
ठेकेदार की लापरवाही बनी हादसों की वजह
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह पूरी स्थिति ठेकेदार की लापरवाही के चलते उत्पन्न हुई है। सड़क तोड़ने के बाद नाले के किनारे बने गड्ढे को भरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही अंधेरे में यह जगह और भी खतरनाक हो जाती है।
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल
इस पूरे मामले ने बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राधिकरण को इस समस्या की जानकारी कई बार दी जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा दीवार बनवाने और गड्ढे को भरवाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक प्रशासन शायद ही इस ओर ध्यान देगा। फिलहाल वायरल वीडियो के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता दिख रहा है।
खुर्जा नाला प्रशासन लापरवाही के इस मामले में अब देखना यह होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी इस समस्या का स्थायी समाधान निकालता है, ताकि आगे कोई अनहोनी न हो।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा
इस टूटी सड़क से सबसे ज्यादा खतरा स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को है। रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों लोग हादसे के डर के साये में रहते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना अब चिंता का विषय बन गया है। नाले के किनारे गड्ढा खुला होने से जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत सुरक्षा दीवार बनवाई जाए, ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
जनता का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने साफ कहा है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर भी लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्टर – शमसुद्दीन सैफी । बुलंदशहर/खुर्जा
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