देहरादून। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डॉ. सिंह के जीवन, उनके योगदान और देश के प्रति उनकी निष्ठापूर्ण सेवा को याद किया।
कौन थे डॉ. मनमोहन सिंह
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। लंबी और गौरवशाली सार्वजनिक सेवा के बाद 26 दिसंबर 2024 को नयी दिल्ली में उनका निधन हो गया था। अपने जीवनकाल में उन्होंने कई वर्षों तक देश की सेवा की और समर्पण के साथ अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
प्रधानमंत्री पद तक का सफर
डॉ. सिंह ने 22 मई 2004 को भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में देश ने आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में कई अहम बदलाव देखे, जिसके चलते जनता ने उन पर दोबारा भरोसा जताया और वह 22 मई 2009 को लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने। इस तरह वह वर्ष 2004 से 2014 तक, यानी पूरे दस वर्षों तक देश के प्रधानमंत्री पद पर रहे।
बाइट: गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस
“डॉ. मनमोहन सिंह जी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी सादगी, ईमानदारी और दूरदर्शी नीतियों से देश को नई दिशा दी। उनके द्वारा किए गए आर्थिक सुधार और मनरेगा, आरटीआई जैसे जनहित कानून आज भी करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं। कांग्रेस पार्टी उनके आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लेती है।”
आर्थिक सुधारों के जनक
प्रधानमंत्री बनने से पहले डॉ. मनमोहन सिंह 1991 से 1996 तक देश के केंद्रीय वित्त मंत्री रहे थे। इसी कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत में व्यापक आर्थिक सुधारों की ऐसी नीति लागू की, जिसे न सिर्फ देश में बल्कि पूरी दुनिया में सराहा गया। उनकी इन नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और वैश्विक मंच पर देश को एक नई और मजबूत पहचान दिलाई। यही वजह है कि उन्हें आज भी भारत में आर्थिक उदारीकरण के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है।
विनम्रता और ईमानदारी की मिसाल
डॉ. सिंह के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी, विनम्रता और ईमानदारी रही। संसद में सेवा करने और जिस शालीनता तथा गरिमा के साथ उन्होंने देश के सर्वोच्च पद को संभाला, वह आज भी राजनीति में सीखने योग्य विषय माना जाता है। उनकी विनम्र कार्यशैली और स्वच्छ छवि भारतीय सार्वजनिक जीवन में आज भी एक मिसाल के तौर पर देखी जाती है।
जनहित में लिए गए बड़े फैसले
2004 से 2014 तक अपने प्रधानमंत्रित्व काल में डॉ. मनमोहन सिंह ने आम जनता के अधिकारों और अवसरों को बढ़ाने के लिए कई ऐतिहासिक कानून और योजनाएं लागू कीं। इनमें प्रमुख रूप से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम शामिल हैं। इन कानूनों ने आम आदमी को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाया और सुशासन की दिशा में मजबूत कदम साबित हुए।
उत्तराखंड कांग्रेस ने किया याद
जयंती के अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने डॉ. सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनकी नीतियों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
रिपोर्टर: आकाश, देहरादून
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