अल्मोड़ा। मोरनौला क्षेत्र में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए अवैध लीसा से भरे एक वाहन को सीज किया है। मोरनौला अवैध लीसा का यह मामला चम्पावत, नैनीताल और अल्मोड़ा जनपदों की सीमा से जुड़े क्षेत्र का बताया जा रहा है। कार्रवाई के बाद लीसा तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान पकड़ा गया संदिग्ध वाहन
जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम ने जांच के दौरान एक संदिग्ध वाहन को पकड़ा। वाहन में अवैध रूप से लीसा ले जाया जा रहा था। टीम ने वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया।
वन विभाग की इस कार्रवाई को अवैध लीसा कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि वन संपदा की सुरक्षा के लिए निगरानी जारी रहेगी।
मोरनौला अवैध लीसा मामले में जांच जारी, डीएफओ बोले- नियमानुसार होगी कार्रवाई
सिविल सोयम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार धौलाखंडी ने मोरनौला अवैध लीसा मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोरनौला क्षेत्र में अवैध लीसा से भरे वाहन को सीज किए जाने के बाद वन विभाग की ओर से कार्रवाई चल रही है। यह मामला चम्पावत, नैनीताल और अल्मोड़ा जनपदों की सीमा से जुड़े क्षेत्र का बताया जा रहा है।
लीसे और वाहन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच
प्रभागीय वनाधिकारी के अनुसार लीसे की बरामदगी और वाहन से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वन विभाग की टीम ने जांच के दौरान संदिग्ध वाहन को पकड़ा था, जिसमें अवैध रूप से लीसा ले जाया जा रहा था। विभाग ने वाहन को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है और लीसे के दस्तावेजों एवं स्रोत की जांच कर रहा है।
जांच के बाद नियमानुसार होगी कार्रवाई
धौलाखंडी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद लीसा तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल जांच के निष्कर्षों की पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि जांच में मामले से जुड़े और कौन से तथ्य सामने आते हैं।
तीन जनपदों की सीमा से जुड़ा मामला
यह मामला चम्पावत, नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों की सीमा से जुड़े क्षेत्र का बताया जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी रखना विभाग के लिए अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यहां से वाहनों की आवाजाही अलग-अलग दिशाओं में हो सकती है।
इसी कारण ऐसे क्षेत्रों में चेकिंग और समन्वय का महत्व बढ़ जाता है। विभाग इस मामले में भी सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है।
दस्तावेजों और स्रोत की जांच
वन विभाग वाहन को कब्जे में लेने के बाद लीसे के संबंध में दस्तावेजों और उसके स्रोत की जांच कर रहा है। जांच में यह देखा जाएगा कि लीसा कहां से लाया गया था और उसे कहां ले जाया जा रहा था।
दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। तब तक विभाग की ओर से किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है।
प्रभागीय वनाधिकारी बोले, नियमानुसार होगी कार्रवाई
सिविल सोयम वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी ने बताया कि मामले में वन विभाग की ओर से कार्रवाई चल रही है। उन्होंने कहा कि लीसे की बरामदगी और वाहन से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
उनके अनुसार जांच पूरी होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि जांच में इस मामले से जुड़े और कौन से तथ्य सामने आते हैं।
रिपोर्ट: राजीव कर्नाटक, अल्मोड़ा
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