रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बिलासपुर क्षेत्र में न्यायालय में कथित तौर पर फर्जी शपथ पत्र दाखिल किए जाने का मामला सामने आया है। बिलासपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सीहोर निवासी भूपेंद्र मल्ली ने ग्राम नयागांव निवासी रवि कुमार शर्मा और दो अज्ञात व्यक्तियों पर उनके नाम से कथित रूप से कूटरचित शपथ पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है।
पीड़ित की शिकायत के बाद न्यायालय के आदेश पर बिलासपुर पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़ित ने फर्जी शपथ पत्र बनाने का लगाया आरोप
भूपेंद्र मल्ली के अनुसार, आरोपियों ने उनके नाम से एक कथित फर्जी हलफनामा तैयार किया और उस पर उनके जाली हस्ताक्षर किए। पीड़ित का दावा है कि उक्त दस्तावेज में उनकी फोटो, आधार संबंधी विवरण और तारीख जैसी आवश्यक जानकारियां मौजूद नहीं हैं।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित दस्तावेज पर ओथ कमिश्नर के रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। इसी आधार पर उन्होंने दस्तावेज की सत्यता पर सवाल उठाते हुए न्यायालय में शिकायत की।
मामले में पुलिस अब कथित शपथ पत्र की वास्तविकता, हस्ताक्षर और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई FIR
पीड़ित की ओर से न्यायालय में मामला रखे जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर बिलासपुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, मुकदमे में BNS की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है।
एफआईआर में रवि कुमार शर्मा के अलावा दो अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित दस्तावेज किसने तैयार किया, उस पर हस्ताक्षर किस प्रकार किए गए और उसे न्यायालय में किस माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
मारपीट और धमकी का भी आरोप
पीड़ित भूपेंद्र मल्ली ने शिकायत में कथित फर्जी शपथ पत्र के अलावा मारपीट और धमकी के भी आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, जब उन्होंने 15 जून 2026 को इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की तो उनके साथ कथित रूप से सरेराह मारपीट की गई।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें 8 एकड़ जमीन ठेके पर देने के नाम पर तीन लाख रुपये लिए गए और बाद में उनके साथ धोखाधड़ी की गई। इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
मुकदमा वापस लेने का दबाव डालने का आरोप
भूपेंद्र मल्ली का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से उन्हें फोन के माध्यम से मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि कुछ लोगों के माध्यम से उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से अपनी सुरक्षा की मांग की है। साथ ही मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
एफआईआर दर्ज होने के बाद बिलासपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कथित फर्जी शपथ पत्र, संबंधित रिकॉर्ड और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाएगी कि न्यायालय में प्रस्तुत किए गए दस्तावेज की वास्तविक स्थिति क्या है और उसमें लगाए गए हस्ताक्षर वास्तविक हैं या नहीं। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।
वहीं, मारपीट, जमीन के ठेके के नाम पर रुपये लेने और धमकी से जुड़े आरोपों की भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
दस्तावेजों की जांच से सामने आएगी सच्चाई
इस पूरे मामले में पीड़ित की ओर से FIR की कॉपी और कथित फर्जी शपथ पत्र की कॉपी उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है। दस्तावेजों की जांच और पुलिस विवेचना के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित शपथ पत्र किसने तैयार किया और न्यायालय में इसे किस उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
बाइट: भूपेंद्र मल्ली, पीड़ित
रिपोर्टर: अफफान अहमद
स्थान: रामपुर/बिलासपुर