उरई | रिपोर्ट: विकाश गुप्ता
उरई में हिप ज्वाइंट के इलाज के दौरान 62 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने उर्मिला हॉस्पिटल के डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन पर इलाज में कथित लापरवाही बरतने, तय रकम से अधिक पैसे लेने और ऑपरेशन में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर परिजनों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हमीरपुर जिले के ग्राम पंचायत चिटली खरेटा बुजुर्ग निवासी राजेंद्र पुत्र रामगोपाल ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी 62 वर्षीय मां प्रेम रानी के हिप ज्वाइंट का इलाज कराने के लिए उन्हें उरई स्थित उर्मिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजन के अनुसार, अस्पताल प्रशासन की ओर से चार दिन में मरीज को डिस्चार्ज करने और इलाज का कुल खर्च करीब 45 हजार रुपये बताया गया था।
परिजनों ने 1.55 लाख रुपये लेने का लगाया आरोप
राजेंद्र का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रशासन ने उनसे तय रकम से काफी अधिक पैसे लिए। शिकायत के अनुसार, उनसे करीब 1.55 लाख रुपये लिए गए। परिजनों का कहना है कि इलाज की प्रक्रिया के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा और मरीज की हालत में भी सुधार नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी मां के कूल्हे का ऑपरेशन सही तरीके से नहीं किया गया। उनका यह भी दावा है कि बिना पर्याप्त जानकारी दिए मरीज का दोबारा ऑपरेशन किया गया। इसके बाद प्रेम रानी की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और वह बोलने में भी असमर्थ हो गईं।
चार दिन के इलाज की बात, करीब एक माह अस्पताल में रखने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, शुरुआत में मरीज को कुछ दिनों के इलाज के बाद डिस्चार्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन इलाज की अवधि बढ़ती चली गई। राजेंद्र का आरोप है कि करीब पांच दिन के इलाज की बात बताकर उनकी मां को लगभग एक महीने तक अस्पताल में रखा गया।
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीज की स्थिति गंभीर होती गई। आखिरकार 6 अक्टूबर 2026 को प्रेम रानी की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
डॉक्टरों की टीम से जांच और पोस्टमार्टम की मांग
राजेंद्र ने जिलाधिकारी से मामले की जांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराने की मांग की है। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इसके अलावा परिजनों ने महिला के शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की है। शिकायतकर्ता ने अस्पताल द्वारा कथित तौर पर अधिक वसूली गई रकम वापस दिलाने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।
अस्पताल पक्ष का बयान सामने आना बाकी
फिलहाल इस मामले में अस्पताल प्रशासन या संबंधित डॉक्टरों का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में इलाज में लापरवाही, गलत ऑपरेशन और अधिक रकम वसूलने से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।