उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में भारी बारिश ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग NH-707A पर डिमटा बैंड के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया है। इससे मसूरी-कैंपटी-यमुना ब्रिज मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर यातायात के लिए बंद हो गया है। देर रात हुई इस घटना से मसूरी और यमुना घाटी के बीच आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही ठप
भारी बारिश के चलते डिमटा बैंड क्षेत्र में राजमार्ग का बड़ा हिस्सा धंस गया या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी वजह से कैंपटी से यमुना ब्रिज की ओर दोनों दिशाओं से वाहनों का आवागमन रुक गया है। इस मार्ग के बंद होने से स्थानीय निवासियों, पर्यटकों और व्यापारिक वाहनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मसूरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल से जुड़े इस अहम मार्ग पर अचानक आई इस रुकावट से कई लोगों की यात्रा योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मौके पर मशीनें तैनात, मरम्मत का काम जारी
अधिकारियों के मुताबिक सड़क को सुचारु करने में कुछ समय लग सकता है। थाना कैंपटी और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं। मलबा हटाने और सड़क की मरम्मत के लिए मशीनें लगाई गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के मुताबिक फिलहाल तीन मशीनें मरम्मत कार्य में जुटी हैं। जिला प्रशासन और पुलिस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की मौजूदा स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
पहाड़ी इलाकों में मानसून की आम चुनौती
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क वॉशआउट जैसी घटनाएं आम समस्या बन चुकी हैं। NH-707A त्यूणी-चकराता-मसूरी-बाटाघाट मार्ग का अहम हिस्सा है, जो कई जिलों को आपस में जोड़ता है। भारी बारिश से पहाड़ी ढलान कमजोर पड़ जाते हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इसका असर सिर्फ सामान्य यातायात पर ही नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ता है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अन्य प्रभावित मार्गों पर भी मरम्मत का काम जारी है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यात्रा की योजना बना रहे लोगों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक स्रोतों से ही मार्ग की ताजा जानकारी लें और सोशल मीडिया या अनौपचारिक सूचनाओं पर निर्भर न रहें। वैकल्पिक मार्गों की सही जानकारी स्थानीय पुलिस या प्रशासन से प्राप्त करें। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा, क्योंकि क्षतिग्रस्त सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है।
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