लामबगड़ स्लाइड जोन के पास हुआ चमोली बस हादसा, बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित
उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। बदरीनाथ धाम से दर्शन कर ऋषिकेश लौट रही गुजरात के यात्रियों की बस लामबगड़ के पास अचानक अनियंत्रित हो गई। इस चमोली बस हादसे में बस का ब्रेक फेल होने से वाहन अलकनंदा नदी की तरफ झूलने लगा, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, लामबगड़ स्लाइड जोन में सड़क की हालत खराब होने के कारण बस पहले से ही धीमी रफ्तार में चल रही थी। इसी दौरान अचानक ब्रेक फेल हो गया और बस नदी की दिशा में बढ़ने लगी। गनीमत रही कि बस सड़क किनारे झूलकर रुक गई और अलकनंदा नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई। हादसे के वक्त बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार मच गई, लेकिन कम रफ्तार होने की वजह से बड़ा नुकसान होने से टल गया।
कितने यात्री थे बस में सवार?
इस बस में बदरीनाथ धाम की यात्रा कर लौट रहे गुजरात राज्य के कुल 25 यात्री सवार थे। सभी यात्री बदरीनाथ के दर्शन के बाद ऋषिकेश की ओर वापस जा रहे थे, तभी यह घटना पेश आई। चमोली बस हादसे की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, सभी यात्री सुरक्षित
घटना की जानकारी मिलते ही लामबगड़ पुलिस चौकी से पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बस में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। गोविंदघाट थाना प्रभारी त्रिगुप्ता ने पुष्टि की कि हादसे में सभी 25 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्हें तुरंत दूसरी बस की व्यवस्था कर ऋषिकेश के लिए रवाना कर दिया गया।
हादसे की शुरुआती वजह क्या रही?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस चमोली बस हादसे की मुख्य वजह बस के ब्रेक का अचानक फेल हो जाना है। पहाड़ी मार्ग पर लगातार खराब सड़क और स्लाइड जोन जैसी परिस्थितियां वाहनों के लिए हमेशा से चुनौती रही हैं। प्रशासन अब बस की तकनीकी जांच करवा रहा है ताकि यह पता चल सके कि ब्रेक फेल होने के पीछे मैकेनिकल खराबी थी या कोई और वजह।
यात्रियों के लिए सबक
बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ी रास्तों की स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। यह चमोली बस हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सफर के दौरान वाहनों की समय-समय पर तकनीकी जांच की अहमियत को उजागर करता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।