असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव का प्रचार सोमवार शाम हिंसक झड़प में बदल गया। नगांव उपचुनाव हिंसा की यह घटना समागुड़ी विधानसभा क्षेत्र में शाम करीब 4 बजे हुई, जब बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पुलिस के मुताबिक, विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपचुनाव प्रत्याशी शिबामोनी बोरा का काफिला लारीरमुख में एक जनसभा के लिए निकला था।
काले झंडे दिखाने से भड़का तनाव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बीजेपी समर्थक बाराम बाजार में कांग्रेस नेताओं को काले झंडे दिखाने के लिए जमा हुए थे। जब करीब 30 से 40 कांग्रेस कार्यकर्ता मोटरसाइकिल पर वहां से गुजरे तो विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। जनसभा खत्म होने के बाद जब कांग्रेस का काफिला उसी रास्ते से वापस लौटा तो संदिग्ध बीजेपी समर्थकों ने वाहनों पर जमकर पथराव कर दिया।
CRPF का लाठीचार्ज, दोनों तरफ से पथराव
पुलिस के मुताबिक बीजेपी समर्थकों ने कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की, जिसके बाद मौके पर तैनात CRPF जवानों ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी लाठियां लेकर मौके पर आ डटे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। दोनों पक्षों में हुए पथराव में दो कांग्रेसी वाहनों के शीशे टूट गए, वहीं मौके पर मौजूद कुछ पत्रकारों को भी मामूली चोटें आईं।
नेताओं को सुरक्षा घेरे में निकाला, दो हिरासत में
सुरक्षाबलों ने गौरव गोगोई, भूपेश बघेल, रकीबुल हुसैन और शिबामोनी बोरा को घेरा बनाकर बाराम बाजार से सुरक्षित बाहर निकाला। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पथराव और हमले में शामिल दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गौरव गोगोई ने प्रशासन पर लगाए आरोप
घटना के बाद गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि उनकी और भूपेश बघेल की गाड़ी पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं, जबकि प्रशासन से पहले ही भीड़ नियंत्रित करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रत्याशी बोरा की गाड़ी में मौजूद एआईसीसी सचिव मनोज चौहान को भी पत्थर लगा, और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा।
रकीबुल हुसैन का दावा — हारे तो हटेंगे हिमंता
रैली को संबोधित करते हुए रकीबुल हुसैन ने कहा कि अगर बीजेपी नगांव उपचुनाव हार गई, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री पद से हटा सकते हैं। उन्होंने प्रत्याशी शिबामोनी बोरा के लिए वोट मांगे और यह भी कहा कि समागुड़ी क्षेत्र में उनके बेटे तंजील हुसैन विधायक हैं।
प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट
गौरतलब है कि नगांव सीट पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने बाद में दिसपुर से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा चुनाव लड़कर जीत दर्ज की। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नगांव संसदीय क्षेत्र में 6 अक्टूबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी।
नगांव उपचुनाव हिंसा ने असम की सियासत में एक बार फिर तल्खी बढ़ा दी है। समागुड़ी में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काले झंडे दिखाने से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पथराव और मारपीट में बदल गया। गौरव गोगोई, भूपेश बघेल और रकीबुल हुसैन के काफिले पर हमला होने के बाद CRPF को लाठीचार्ज करना पड़ा, वहीं दोनों पक्षों में हुई झड़प में गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं और कुछ पत्रकार भी घायल हुए। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। नगांव में 6 अक्टूबर को मतदान होना है, ऐसे में यह घटना चुनावी माहौल को और गरमा सकती है।
सियासी नारेबाजी से शुरू हुआ यह टकराव अब यह सवाल भी खड़ा कर गया है कि क्या नगांव का यह उपचुनाव सिर्फ वोटों की नहीं, बल्कि दोनों दलों की साख की भी परीक्षा बन गया है।
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