महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई से सऊदी अरब भेजी जा रही मक्के की खेप की जांच के दौरान करीब 55.860 किलोग्राम मिथाइल एम्फेटामाइन बरामद किया गया। जांच आगे बढ़ी तो इस मामले की कड़ी बिहार के मुजफ्फरपुर तक पहुंच गई, जहां से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया।
22 टन मक्के की खेप में छिपाया गया था ड्रग्स
मामला उस समय सामने आया जब सऊदी अरब भेजे जाने वाले करीब 22 टन मक्के के कंसाइनमेंट को मुंबई के न्हावा शेवा इलाके में जांच के लिए रोका गया। DRI अधिकारियों ने कंटेनर की तलाशी ली तो मक्के के बीच छिपाकर रखा गया सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ मिला।
जांच के बाद इसकी पहचान मिथाइल एम्फेटामाइन के तौर पर हुई। अधिकारियों ने करीब 55.860 किलो नशीला पदार्थ जब्त कर लिया। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स मिलने के बाद एजेंसी ने एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट से जुड़े लोगों और उसकी पूरी सप्लाई चेन की जांच शुरू की।
मक्के की आड़ में विदेश भेजने की तैयारी
जांच एजेंसी को शक है कि तस्करी के लिए सामान्य कृषि उत्पाद की खेप का इस्तेमाल किया गया था। मक्के को वैध एक्सपोर्ट सामान के तौर पर भेजा जा रहा था, जबकि उसके बीच नशीला पदार्थ छिपाया गया था।
मामले की जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे मक्के की खेप तक किस तरह पहुंचाया गया। इसके अलावा सऊदी अरब में इसके संभावित रिसीवर और इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
मुजफ्फरपुर पहुंची जांच की कड़ी
मुंबई में बरामदगी के बाद DRI ने कंसाइनमेंट की बुकिंग, पैकिंग, परिवहन और इससे जुड़े संपर्कों की जानकारी खंगाली। इसी जांच के दौरान एजेंसी की टीम बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंची।
रिपोर्ट के मुताबिक, बोचहां इलाके में कार्रवाई करते हुए मो. बासिर हवारी उर्फ फरहान नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, उस पर मक्के की खेप के जरिए ड्रग्स को आगे भेजने की प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप है।
ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया। मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। ड्रग्स की सप्लाई से लेकर उसकी पैकिंग, मक्के की खेप में छिपाने और विदेश भेजने तक की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है।