गोंडा। जिला कारागार में बंद बंदी राम गणेश पाल की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक कटरा बाजार थाना क्षेत्र के भगहरिया पूरे मितई गांव के रहने वाले थे। उनकी मौत के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया
जानकारी के अनुसार, जेल में रहने के दौरान राम गणेश पाल की तबीयत खराब हुई थी। इसके बाद जेल प्रशासन उन्हें उपचार के लिए गोंडा जिला अस्पताल लेकर गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। लखनऊ में उपचार के दौरान राम गणेश पाल की मौत हो गई।
गांव पहुंचा शव, परिजनों ने जताई नाराजगी
रविवार देर शाम राम गणेश पाल का शव उनके गांव पहुंचा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। सोमवार को परिजनों ने दुबहा-नरायनपुर कला मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया।
परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज और देखरेख में लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि जांच के माध्यम से बंदी की मौत से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट होनी चाहिए।
मौके पर पहुंची पुलिस
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर कौड़िया थाना प्रभारी शशि कुमार राणा और कटरा बाजार थाना प्रभारी अजय कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों ने मामले से संबंधित जानकारी जुटाई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर आगे की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी।
तीन महीने पहले जेल गया था राम गणेश
कौड़िया थानाध्यक्ष शशि कुमार राणा के अनुसार, राम गणेश पाल के खिलाफ वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज हुआ था। वह करीब तीन महीने पहले जेल गया था। जेल में तबीयत खराब होने के बाद उसे गोंडा जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर किया था।
जेल प्रशासन का पक्ष भी सामने आया
बंदी की मौत के मामले में गोंडा जेल अधीक्षक मृत्युंजय कुमार पांडे की बाइट भी सामने आई है। मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और बंदी की मौत की परिस्थितियों को लेकर संबंधित पक्षों की जानकारी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल मौत की परिस्थितियों को लेकर परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले की पूरी स्थिति जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
राम गणेश पाल की मौत के बाद परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।