सोनीपत: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद संदीप उर्फ काला जठेड़ी रविवार को कस्टडी पैरोल पर अपने पैतृक गांव जठेड़ी पहुंचा। उसे अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण समारोह में शामिल होने के लिए कुछ घंटों की पैरोल दी गई थी। पुलिस सुरक्षा के बीच उसे सोनीपत लाया गया, जहां उसके घर पर परिवार की ओर से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
काला जठेड़ी को 20 सितंबर को करीब सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक, यानी छह घंटे के लिए कस्टडी पैरोल दी गई थी। वह निर्धारित समय के दौरान पुलिस सुरक्षा में अपने घर पर रहा। कार्यक्रम पूरा होने के बाद उसे वापस जेल ले जाया गया।
घर पहुंचते ही बजने लगे ढोल-नगाड़े
काला जठेड़ी के गांव पहुंचने के दौरान वहां ढोल-नगाड़े बजाए गए। उसके घर को भी कार्यक्रम के लिए सजाया गया था। परिवार ने जुड़वां बेटियों के नामकरण के साथ हवन और अन्य पारंपरिक धार्मिक रस्मों का आयोजन किया था।
उसके घर पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। काला जठेड़ी को सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट के साथ गांव तक लाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उसके घर और आसपास के इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी।
तीन महीने पहले हुआ था जुड़वां बेटियों का जन्म
काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी ने करीब तीन महीने पहले जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। अब दोनों बच्चियों के नामकरण के लिए परिवार की ओर से धार्मिक कार्यक्रम रखा गया था।
कार्यक्रम में हवन, पूजा और नामकरण की रस्में पूरी की गईं। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार के करीबी लोगों को कार्यक्रम में शामिल किया गया। सुरक्षा कारणों से मौके पर मीडिया की आवाजाही भी सीमित रखी गई थी।
अनुराधा चौधरी ने बताया कि परिवार के लिए यह खास मौका था और काफी समय बाद काला जठेड़ी किसी शुभ अवसर पर घर पहुंचा। इससे पहले वह अपनी मां के निधन के समय भी पैरोल पर घर आया था।
पहले भी मिल चुकी है कस्टडी पैरोल
काला जठेड़ी को इससे पहले भी पारिवारिक कारणों से कस्टडी पैरोल मिल चुकी है। मार्च 2024 में उसे अपनी शादी में शामिल होने के लिए पैरोल दी गई थी। इसके अलावा उसकी मां के अंतिम संस्कार के दौरान भी उसे पुलिस सुरक्षा में घर लाया गया था।
जुलाई 2026 में दिल्ली की एक अदालत ने उसे अस्पताल में पत्नी और नवजात बेटियों से मिलने के लिए चार घंटे की कस्टडी पैरोल देने की अनुमति दी थी।
सुरक्षा के बीच गांव पहुंचाया गया
काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले शामिल हैं। इसी वजह से पैरोल के दौरान उसकी आवाजाही पुलिस निगरानी में रही।
रविवार को उसके गांव पहुंचने से पहले ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली थी। घर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और उसकी यात्रा सशस्त्र सुरक्षा घेरे में हुई। समारोह समाप्त होने के बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस तिहाड़ जेल ले जाया गया।
इस तरह कुछ घंटों की पैरोल के दौरान काला जठेड़ी अपनी जुड़वां बेटियों के नामकरण समारोह में शामिल हुआ। कार्यक्रम पूरा होने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया।