झांसी जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था अली अहमद
माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को झांसी जेल से प्रयागराज लाया जा रहा था। उमेश पाल शूटआउट केस में कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिए यह पेशी जरूरी थी। इसी क्रम में अली अहमद का काफिला जब कौशांबी जिले की सैनी कोतवाली क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस ने अचानक काफिले को रोक लिया।
भाई अहजम की गाड़ी भी रोकी गई
काफिले की जांच के दौरान पुलिस ने अतीक अहमद के दूसरे बेटे अहजम अहमद की गाड़ी को भी रोका, जो काफिले के साथ मौजूद था। पुलिस ने कुछ देर तक अहजम से पूछताछ की और जरूरी जानकारी जुटाई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने गाड़ी को आगे जाने दिया। इस दौरान इलाके में सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी पूरी तरह सतर्क नजर आए।
सैनी कोतवाली इंचार्ज ने दी जानकारी
इस मामले पर सैनी कोतवाली इंचार्ज त्रिलोकीनाथ पांडे ने बताया कि यह रुटीन वाहन चेकिंग का हिस्सा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान काफिले की गाड़ियों को रोका गया था, लेकिन चेकिंग पूरी होते ही सभी वाहनों को आगे बढ़ने दिया गया। पुलिस के अनुसार इस दौरान किसी तरह की अनियमितता नहीं पाई गई।
अली अहमद पर दर्ज हैं कई मामले
बता दें कि अली अहमद के खिलाफ रंगदारी वसूलने, अगवा करने और मारपीट जैसे कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में भी वह आरोपी है, जिसे लेकर आज उसे कोर्ट में पेश किया गया और उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी हुई।
अगस्त में भाई की मौत पर आया था प्रयागराज
गौरतलब है कि इससे पहले 8 अगस्त 2026 को भी अली अहमद को प्रयागराज लाया गया था, जब उसके छोटे भाई अबान की सुपुर्द-ए-खाक की रस्म हुई थी। हाईकोर्ट ने उस समय अली के साथ-साथ लखनऊ जेल में बंद उसके भाई उमर को भी पैरोल दी थी। दरअसल अबान की 6 अगस्त को झांसी हाईवे पर एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जब वह अली से मिलने जा रहा था और उसकी कार डिवाइडर से टकरा गई थी।
सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह चौकस
अतीक अहमद परिवार से जुड़े मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन हर बार सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतता है। काफिले की आवाजाही के दौरान रास्ते में पड़ने वाले थानों की पुलिस भी सक्रिय रहती है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घटे। कौशांबी पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
अतीक परिवार पर पुलिस की पैनी नजर
हर पेशी पर बढ़ाई जाती है चौकसी
अतीक अहमद के परिवार से जुड़े किसी भी सदस्य की आवाजाही के दौरान पुलिस प्रशासन खास सतर्कता बरतता है। जेल से कोर्ट तक ले जाने वाले रूट पर पहले से रेकी की जाती है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की जाती है। काफिले के आगे-पीछे पुलिस की गाड़ियां चलती हैं, ताकि रास्ते में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। स्थानीय पुलिस को भी पहले से अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे सीमा में प्रवेश करते ही निगरानी शुरू हो जाए।
परिवार के कई सदस्य विभिन्न मामलों में उलझे
अतीक अहमद के परिवार के कई सदस्य पहले से अलग-अलग आपराधिक मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे हैं। कुछ भाई अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जबकि कुछ को समय-समय पर पेशी या पारिवारिक कारणों से पैरोल पर लाया जाता है। ऐसे मौकों पर प्रशासन के लिए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है, जिसे लेकर पुलिस हर बार पूरी सावधानी बरतती है।
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