बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की खुर्जा तहसील में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर महापंचायत की। बड़ी संख्या में किसान और संगठन के कार्यकर्ता उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने बैठकर अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाते नजर आए।
किसान संगठन की ओर से बिजली विभाग, लेखपाल, तहसीलदार और बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKDA) से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी गई। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया।
संक्रमणीय भूमि के नाम पर परेशान करने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संक्रमणीय भूमि से जुड़े मामलों के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि संबंधित मामलों में उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है।
किसान संगठन ने प्रशासन से मांग की कि किसानों से जुड़े राजस्व मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अनावश्यक परेशानी से राहत दी जाए।
तालाब की जमीन पर निर्माण का मुद्दा उठा
महापंचायत में खुर्जा क्षेत्र में तालाब की करीब 50 बीघा जमीन पर कथित अवैध होटल और मैरिज होम निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया। किसान संगठन ने इस मामले की जांच कराने और सरकारी/सार्वजनिक उपयोग की भूमि से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
किसानों का कहना है कि तालाब की जमीन सार्वजनिक महत्व की होती है और ऐसी भूमि से जुड़े मामलों में प्रशासन को मौके पर जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
एसडीएम कार्यालय के सामने बैठे कार्यकर्ता
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता खुर्जा तहसील स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय के सामने बैठे। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा।
महापंचायत में बिजली से संबंधित समस्याओं के साथ-साथ राजस्व विभाग के कर्मचारियों और तहसील स्तर पर किसानों से जुड़े मामलों का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन की ओर से मांग की गई कि किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
किसान संगठन ने संबंधित विभागों से जुड़े मामलों की जांच और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की है। महापंचायत के दौरान उठाए गए आरोपों और शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।
फिलहाल भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। संगठन की ओर से प्रशासन से किसानों की समस्याओं का समाधान कराने और संबंधित मामलों की जांच की मांग की गई है।
रिपोर्टर – शम्सुद्दीन सैफी (Shamsuddin Saifi)
बुलंदशहर की अन्य खबरें: जिले में किसानों, प्रशासन और स्थानीय स्तर से जुड़ी ताजा खबरें और अपडेट पढ़ें।