देहरादून: उत्तराखंड वक्फ बोर्ड तीन तलाक और हलाला से प्रभावित मुस्लिम महिलाओं तथा उनके बच्चों के लिए आवास उपलब्ध कराने की योजना पर काम करने की तैयारी में है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि ऐसी महिलाओं और बेवा महिलाओं के लिए वक्फ की जमीन पर घर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
शादाब शम्स के मुताबिक, कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें महिलाओं को पारिवारिक परिस्थितियों के चलते घर से बाहर होना पड़ता है और उन्हें अपने बच्चों के साथ परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बोर्ड स्तर पर योजना पर विचार किया जा रहा है।
अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव को अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि प्रस्ताव पास होने के बाद पात्र महिलाओं के लिए आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराने और आवास से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, योजना के तहत पात्रता की शर्तें, लाभार्थियों की संख्या और आवास के स्थान सहित अन्य विवरण बोर्ड के निर्णय के बाद स्पष्ट होंगे।
मुख्यमंत्री से चर्चा का दावा
शादाब शम्स ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उनकी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वक्फ संपत्तियों के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शादाब शम्स बोर्ड के अध्यक्ष हैं। बोर्ड की वेबसाइट पर वक्फ संपत्तियों से संबंधित नियम, अधिनियम और विभिन्न दस्तावेज भी उपलब्ध हैं।
वक्फ संपत्तियों के इस्तेमाल पर जोर
शादाब शम्स ने कहा कि वक्फ की संपत्तियों का इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने वक्फ संशोधन कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों तक वक्फ संपत्तियों का लाभ पहुंचना चाहिए।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वक्फ संपत्ति का संबंध धार्मिक या धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए समर्पित संपत्तियों से है। बोर्ड राज्य में वक्फ संपत्तियों और संस्थानों के प्रशासन और निगरानी से संबंधित कार्य करता है।
पहले भी महिला अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर पहल
गौरतलब है कि हाल में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की ओर से निकाहनामा में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा सामने आई थी। इसमें तीन तलाक, हलाला, इद्दत और बेटियों के संपत्ति अधिकार जैसे मुद्दों को शामिल करने की बात सामने आई थी।
अब आवास योजना से जुड़े प्रस्ताव के जरिए बोर्ड ऐसी महिलाओं और बच्चों को सहायता देने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रहा है। फिलहाल यह योजना प्रस्ताव के स्तर पर है और अंतिम निर्णय बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा और मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्ट: आकाश, देहरादून
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