संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की निगरानी टीम की ताजा रिपोर्ट में दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके को लेकर बड़ा खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस हमले के पीछे अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) का हाथ था। यह पहली बार है जब किसी संयुक्त राष्ट्र दस्तावेज में इस घटना को सीधे तौर पर AQIS से जोड़ा गया है।
हालांकि, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब भी इस मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
UN रिपोर्ट में क्या कहा गया?
संयुक्त राष्ट्र की 38वीं निगरानी रिपोर्ट, जो दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच की गतिविधियों पर आधारित है, में कहा गया है कि AQIS दक्षिण एशिया में अपनी मौजूदगी और नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन अब पहले की तुलना में अधिक संगठित तरीके से सक्रिय हो रहा है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि AQIS बड़े समूहों के बजाय छोटे-छोटे मॉड्यूल के जरिए काम कर रहा है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
दक्षिण एशिया में बढ़ा रहा है नेटवर्क
UN की रिपोर्ट के अनुसार, AQIS ने अपना अलग लॉजिस्टिक और फंडिंग नेटवर्क विकसित किया है। इसके अलावा संगठन के बांग्लादेश सहित दक्षिण एशिया के अन्य क्षेत्रों में प्रभाव बढ़ाने की कोशिशों का भी उल्लेख किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नेटवर्क और मजबूत होता है तो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भी चिंता
रिपोर्ट में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि सीमा पार हमलों और आतंकी गतिविधियों में वृद्धि के कारण दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ा है।
इसके साथ ही कई उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों और उनके आपसी संबंधों को लेकर भी रिपोर्ट में विस्तार से जानकारी दी गई है।
AI तकनीक का इस्तेमाल कर रहे आतंकी संगठन
रिपोर्ट का एक अहम हिस्सा आतंकवादी संगठनों द्वारा आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ा है। दस्तावेज के अनुसार, कुछ आतंकी संगठन प्रचार सामग्री तैयार करने, अनुवाद करने और तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स का उपयोग कर रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि नई तकनीकों का दुरुपयोग सुरक्षा एजेंसियों के लिए भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकता है।
प्रतिबंध सूची में हुए बदलाव
UN रिपोर्ट के दौरान आतंकवाद से जुड़ी प्रतिबंध सूची में भी कई बदलाव किए गए। कुछ नए नाम सूची में जोड़े गए, जबकि कई नामों को हटाया गया। यह कदम वैश्विक सुरक्षा स्थिति और विभिन्न संगठनों की गतिविधियों के आकलन के आधार पर उठाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ी चुनौती
लाल किला हमले को लेकर सामने आई इस रिपोर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। AQIS की बदलती रणनीति, छोटे मॉड्यूल में काम करने का तरीका और नई तकनीकों के उपयोग को देखते हुए विशेषज्ञ इसे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत मान रहे हैं।
अब सभी की नजर भारत की जांच एजेंसियों और आगे आने वाली आधिकारिक रिपोर्टों पर रहेगी, जो इस मामले में और अधिक स्पष्ट तस्वीर पेश कर सकती हैं।
ये भी पढ़ें: अजय देवगन की एंट्री पर बोले अनूप सोनी, ‘लोग मुझे हमेशा क्राइम पेट्रोल के लिए ही याद रखेंगे