रुड़की में नशे में धुत कार चालक ने सड़क पर जमकर कहर बरपाया। मलकपुर चुंगी से सोलानी पुल तक तेज रफ्तार i20 कार ने करीब 8 वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। लगातार हुई टक्करों से सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
मलकपुर चुंगी से सोलानी पुल तक टक्कर का सिलसिला
बताया जा रहा है कि रुड़की कार हादसे की शुरुआत मलकपुर चुंगी के पास से हुई। यहां से तेज रफ्तार i20 कार ने एक के बाद एक कई वाहनों को टक्कर मारनी शुरू कर दी। यह सिलसिला सोलानी पुल तक चलता रहा। इस दौरान करीब 8 वाहन कार की चपेट में आए। एक ही रास्ते पर लगातार हुई इन टक्करों से सड़क पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
स्कूटी सवार गंभीर रूप से घायल
इस हादसे में एक स्कूटी सवार व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली है। घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसकी पहचान और इलाज से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अन्य वाहनों को हुए नुकसान का आकलन भी अभी किया जा रहा है। पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
सोलानी पुल पर रुकी कार, मौके पर जमा हुई भीड़
सोलानी पुल पर कार रुकने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बताया जा रहा है कि गुस्साए लोगों ने चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। हालांकि किसी भी स्थिति में कानून को हाथ में लेना उचित नहीं माना जाता। ऐसे मामलों में सही तरीका यही है कि लोग तुरंत पुलिस और आपात सेवाओं को सूचना दें।
पुलिस ने आरोपी चालक को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि चालक ने वास्तव में नशे की हालत में वाहन चलाया था या नहीं और हादसे के अन्य कारण क्या रहे। पुलिस की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। जांच पूरी होने तक आरोपी चालक पर लगे आरोपों को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
नशे में वाहन चलाना कानून की नजर में गंभीर अपराध
भारत में शराब या किसी अन्य नशे की हालत में वाहन चलाना मोटर वाहन कानून के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में न सिर्फ चालक की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा भी जोखिम में आ जाती है। यातायात विशेषज्ञ लगातार यह अपील करते रहे हैं कि नशे की हालत में कभी वाहन न चलाएं।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को सामने रखा है। व्यस्त मार्गों पर तेज रफ्तार वाहन किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। ऐसे में चालकों को गति सीमा का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। साथ ही आम लोगों से भी अपील की जाती है कि सड़क पर किसी संदिग्ध ढंग से चल रहे वाहन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और आरोपी चालक के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट :- अरुण कश्यप, रुड़की (उत्तराखंड)।
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