चंपावत के टनकपुर में दशहरा महोत्सव के दौरान आस्था, संस्कृति और भक्ति का संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महोत्सव में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। इस दौरान पारंपरिक छोलिया नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
छोलिया नृत्य के साथ हुआ मुख्यमंत्री का स्वागत
टनकपुर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पहुंचते ही दशहरा महोत्सव का माहौल भक्तिमय और उत्साह से भर गया। नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उनका पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस दौरान बाबा नीम करौली महाराज पर आधारित भक्ति संगीत ने माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। बालिकाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक भी पेश की।
संस्कृति और संस्कार पर बोले मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ते हैं और युवा पीढ़ी को संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड को विकास के साथ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही।
बाइट – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर दशहरा महोत्सव के मंच से श्रीमद्भागवत कथा और दशहरा महोत्सव को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है।
धामी ने कहा कि दशहरा महोत्सव जैसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने का काम करते हैं। उनके अनुसार ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी को संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने नवयुवक रामलीला कमेटी के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से लोक संस्कृति और परंपराएं आगे बढ़ती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। साथ ही कहा कि उत्तराखंड को विकास के साथ अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी आगे बढ़ाना है।

चंपावत की विकास योजनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने चंपावत में चल रही विकास योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने टनकपुर में करीब 237 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन आईएसबीटी, शारदा घाट के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा मां पूर्णागिरि क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार को महत्वपूर्ण बताया। वहीं ककराली गेट से पूर्णागिरि धाम की ओर करीब 8 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
खिलाड़ियों और आम लोगों से संवाद
इससे पहले मुख्यमंत्री ने टनकपुर स्पोर्ट्स हॉस्टल पहुंचकर खिलाड़ियों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने मुख्य सेवक संवाद कार्यक्रम में आम लोगों से सीधा संवाद किया।
ये रहे मौजूद
दशहरा महोत्सव में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, जिलाधिकारी मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक रेखा यादव मौजूद रहे। इनके साथ जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कुल मिलाकर टनकपुर का दशहरा महोत्सव धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और विकास के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
रिपोर्ट :- मनोज कापड़ी, टनकपुर, चंपावत (उत्तराखंड)।
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