नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक रूप से फलदायी माना गया है। यह शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन होती है, जब चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर पूर्ण रूप में दिखाई देते हैं। सावन माह की पूर्णिमा का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है, लेकिन इस बार तारीख को लेकर लोगों में असमंजस बना हुआ है। आइए जानते हैं सावन पूर्णिमा 2026 की सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त।
सावन पूर्णिमा तिथि और व्रत की सही तारीख
पंचांग के अनुसार, सावन माह की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 8:21 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त 2026 को सुबह 9:18 बजे समाप्त होगी। चूंकि पूर्णिमा का व्रत मुख्य रूप से चंद्र पूजन और चंद्र दर्शन पर आधारित होता है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार सावन पूर्णिमा का व्रत 27 अगस्त 2026 को रखना ही सबसे उचित रहेगा।
चंद्रोदय और प्रदोष काल पूजा का समय
27 अगस्त को पूर्णिमा व्रत के दिन संध्या समय चंद्र दर्शन और पूजन का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन चंद्रोदय शाम करीब 6:27 बजे होगा। वहीं प्रदोष काल, जो मां लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माना जाता है, शाम 6:48 बजे से शुरू होगा। इस समय पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति मानी जाती है।
स्नान-दान के लिए कौन सी तारीख शुभ
हालांकि पूर्णिमा का व्रत 27 अगस्त को रखा जाएगा, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उदयातिथि में गंगा स्नान और दान-पुण्य करना अधिक शुभ माना गया है। इसी कारण स्नान और दान का कार्य 28 अगस्त 2026 को करना उत्तम रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:28 बजे से 5:12 बजे तक रहेगा। शास्त्रों में कहा गया है कि पूर्णिमा तिथि पर ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और साधक को आरोग्य तथा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
सावन पूर्णिमा पर स्नान-दान का महत्व
सावन माह की पूर्णिमा तिथि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और फलदायी मानी जाती है। इस पावन अवसर पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने और उसके बाद श्रद्धापूर्वक दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए स्नान से व्यक्ति के समस्त पाप धुल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और तिल का दान करने से कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसलिए श्रद्धालुओं को सही तिथि और मुहूर्त का ध्यान रखते हुए ही व्रत और स्नान-दान करना चाहिए।
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