बुंदेलखंड में अतिवृष्टि से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान और किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उरई में शुक्रवार, 25 सितंबर को विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन की ओर से आयोजित इस महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत किसानों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में फसल नुकसान के मुआवजे, फसल बीमा और दैवीय आपदा राहत सहित कई स्थानीय मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई है।
गल्ला मंडी में होगी किसान महापंचायत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन के मुताबिक, चौधरी राकेश टिकैत 25 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे उरई की राठ रोड स्थित गल्ला मंडी पहुंचेंगे। यहां किसानों की समस्याओं को लेकर महापंचायत आयोजित की जाएगी।
संगठन का कहना है कि बुंदेलखंड में हाल में हुई अत्यधिक बारिश के कारण खरीफ की फसलों और खेतों को नुकसान पहुंचा है। किसानों की मांग है कि नुकसान का आकलन कर उन्हें दैवीय आपदा राहत और फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
फसल नुकसान और मुआवजे पर होगी चर्चा
महापंचायत में किसानों के सामने मौजूद समस्याओं को सीधे सुनने और संबंधित मुद्दों को उठाने की तैयारी है। भाकियू के पदाधिकारियों के अनुसार, फसल नुकसान की भरपाई इस समय किसानों की प्रमुख चिंताओं में शामिल है।
किसानों की ओर से यह मांग भी रखी जाएगी कि नुकसान का उचित सर्वे कराया जाए और पात्र किसानों को नियमों के अनुसार राहत एवं बीमा का भुगतान उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा अगली फसल की बुवाई का समय नजदीक होने के कारण खाद और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
अन्ना पशुओं की समस्या भी बनेगी बड़ा मुद्दा
किसान महापंचायत में अन्ना पशुओं की समस्या को लेकर भी चर्चा प्रस्तावित है। भाकियू नेताओं का कहना है कि खुले में घूमने वाले पशुओं से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में गौशालाओं को प्रभावी तरीके से संचालित करने और अन्ना पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग रखी जाएगी।
किसानों का कहना है कि अगली फसल की बुवाई शुरू होने वाली है। ऐसे में खेतों की सुरक्षा के लिए समय रहते व्यवस्था करना जरूरी है।
बिजली, नहर और ग्रामीण सड़कों के मुद्दे भी उठेंगे
महापंचायत में किसानों की स्थानीय बुनियादी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। इनमें जर्जर बिजली लाइनों को बदलने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा नहरों की खुदाई और सफाई, टूटे पुल-पुलियों की मरम्मत तथा खराब ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त कराने का मुद्दा भी रखा जाएगा। किसानों के नलकूपों को समय पर ठीक कराने की मांग भी महापंचायत में उठाई जाएगी।
भाकियू के अनुसार, महापंचायत का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को एक मंच पर सामने लाना और संबंधित मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखना है।
रिपोर्टर: विकास गुप्ता उरई |
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