जालौन के उरई स्थित नवीन गल्ला मंडी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कुल 714 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। अलग-अलग धर्म और समुदाय से जुड़े जोड़ों का उनकी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया गया।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, नवविवाहित जोड़ों के परिजन और अन्य लोग मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र सौंपे और उनके सुखी एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए योजना को बताया सहारा
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि कई परिवारों के लिए बेटियों की शादी का खर्च उठाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रही है। उनके मुताबिक सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समानता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
विभिन्न समुदायों के जोड़ों ने अपनी परंपरा से किया विवाह
माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह कई बार बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से ऐसे परिवारों को सहायता मिल रही है।
उन्होंने समारोह में अलग-अलग समुदायों के जोड़ों द्वारा अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न किए जाने को सामाजिक एकता और भाईचारे का उदाहरण बताया।
वहीं कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में भी भूमिका निभा रही है।
अंतिम पायदान तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की बात
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से समाज के जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक सद्भाव और समानता का संदेश देते हैं।
समारोह में शामिल नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा। विवाह की रस्में पूरी होने के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जोड़ों को प्रमाणपत्र प्रदान किए।
योजना के तहत कितनी आर्थिक मदद?
जिलाधिकारी समीर के मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पात्र कन्या के खाते में 64 हजार रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजे जाने का प्रावधान बताया गया। इसके अलावा 21 हजार रुपये की विवाह सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करना और उन्हें सम्मानजनक तरीके से वैवाहिक जीवन शुरू करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
समारोह में खाने को लेकर परिजनों ने जताई नाराजगी
जहां एक ओर समारोह में 714 जोड़ों के विवाह को लेकर उत्सव का माहौल रहा, वहीं कार्यक्रम के दौरान कुछ जोड़ों के परिजन भोजन व्यवस्था को लेकर शिकायत करते हुए नजर आए। परिजनों की ओर से खाने को लेकर आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है।
हालांकि, भोजन व्यवस्था को लेकर प्रशासन की ओर से तत्काल क्या स्पष्टीकरण दिया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस हिस्से से जुड़े दावों को संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया के साथ ही अंतिम रूप से प्रकाशित करना उचित रहेगा।
कुल मिलाकर उरई की नवीन गल्ला मंडी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 714 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। कार्यक्रम में सरकारी योजना के लाभ, सामाजिक समरसता और विभिन्न समुदायों की परंपराओं की झलक देखने को मिली।
रिपोर्टर: विकास गुप्ता (उरई)
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