राजस्थान के बालोतरा जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब जिले की पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग लग गई. आग भी कोई छोटी-मोटी नहीं.. ऐसी कि उसकी लपटे दूर तक दिखाई दे रही थी. रिफाइनरी में आग लगने के बाद दो दर्जन से ज्यादा फायरब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची. इस दौरान चारों तरफ अफरा तफरी का माहौल बना रहा. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे, लेकिन आग के कारण पीएम मोदी का राजस्थान दौरा रद्द हो गया है.
रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले थे प्रधानमंत्री मोदी
बता दें कि, प्रधानमंत्री मोदी रिफाइनरी का लोकार्पण करने के साथ ही एक जनसभा को भी संबोधित करने वाले थे. लेकिन आग लगने की वजह से इस कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा. राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी पचपदरा पहुंचना था. खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय ने पीएम के कार्यक्रम के स्थगित होने की पुष्टि की. वहीं घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि, पचपदरा रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में आग लगी थी. दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग पर बहुत मुश्किल के बाद काबू पाया गया. अधिकारियों ने जानकारी दी कि, हालात को काबू करने के लिए आपातकालीन टीमों को लगाया गया है. वहीं किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सूचना मिलते ही फायरब्रिगेड की करीब 50 गाड़ियां मौके पर पहुंची. करीब डेढ़ घंटे मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पा लिया गया. वहीं आग लगने की घटना पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि, बालोतरा के पचपदरा में रिफाइनरी में आग लगने की खबर सुनकर चिंता हुई. रिफाइनरी हम सभी राजस्थानियों के लिए गर्व करने वाली परियोजना है जिसका कल उद्घाटन होना है. ऐसे समय पर यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं इस घटना में सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं.
आगमन को लेकर चल रही थी तैयारियां
बता दें कि, पीएम मोदी के आगमन को लेकर पिछले एक सप्ताह से जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं. देश की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल परियोजना का उद्घाटन पीएम मोदी करने वाले थे. कार्यक्रम स्थल पर कुर्सियां सज चुकी थीं, कूलर और पंखों की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई थी. सुरक्षा के लिहाज से राजस्थान पुलिस और प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली थीं. तैयारियां पूरे करने के बाद सभी को 21 अप्रैल यानी मंगलवार की सुबह का इंतजार था. जब प्रधानमंत्री के हाथों इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन होना था, लेकिन, सिस्टम फेलियर के कारण अचानक आग लग गई. वहीं हादसे को लेकर मौके पर मौजूद इंजीनियर ने बताया कि, रिफाइनरी की दो अहम यूनिट क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट की मशीनों में घर्षण हुआ, जिससे चिंगारी निकली और कुछ ही मिनटों में आग ने भीषण रूप ले लिया. तकनीकी टीम ने बताया कि, अगर आग ज्यादा फैलती तो CDU और VDU जैसी महत्वपूर्ण यूनिट पूरी तरह तबाह हो सकती थीं, जिससे करीब 10 हजार करोड़ रुपए तक का नुकसान हो सकता था.
हादसा या साजिश?
सवाल उठ रहे हैं कि, यह सिर्फ एक हादसा है या साजिश? क्योंकि पीएम वहां उद्घाटन करने आने वाले थे. पुख्ता इंतजाम के बाद भी उनके उद्घाटन से पहले ही वहां आग लगना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है. फिलहाल आग लगने की घटना के बाद कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है.