पश्मिच बंगाल में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है. 23 और 29 अप्रैल को राज्य में चुनाव होने वाले हैं. जिसको लेकर सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष पूरा जोर लगा रहा है. जहां पीएम मोदी औऱ अमित शाह जैसे बीजेपी के दिग्गज नेता बंगाल का लगातार दौरा कर रहे हैं. तो वहीं टीएमसी भी बीजेपी को बाहरी बताते हुए खूब पलटवार कर रही है. सभी दल मतदाताओं को लुभाने के लिए तमाम घोषणाएं कर रहे हैं. बीजेपी भी बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है, लेकिन क्या बंगाल की महिलाएं इस बार बीजेपी की इन योजनाओं से खुश होकर सत्ता का ताज पहनाएगी या फिर एक बार फिर से ममता सरकार पर भरोसा जताएंगी.
महिला मतदाताओं की भूमिका
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों के मतदान को लेकर चुनाव प्रचार थम गया है. बीजेपी ममता बनर्जी के किले को ढहाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. वोटरों को लुभाने के लिए सभी दल अपना पूरा दम-खम लगा रहे हैं. ऐसे में सभी सियासी दलों द्वारा वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े ऐलान भी किए जा रहे हैं. माना जाता है कि, बंगाल में सत्ता तक पहुंचने के लिए महिला वोटर अहम हैं. ऐसे में सभी दल उनको अपनी तरफ करने की कोशिश कर रहे हैं. बीजेपी के दिग्गज नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं. अपनी रैलियों में बीजेपी के नेता ममता पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है. राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष पूरा जोर लगा रहा है. पीएम मोदी से लेकर अमित शाह जैसे बीजेपी के दिग्गज नेता बंगाल का लगातार दौरा कर रहे हैं. वहीं इसी कड़ी में पीएम मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक को संसद में गिराने पर विपक्ष पर जमकर हमला बोला है. इस दौरान पीएम मोदी ने ममता बनर्जी को महिला विरोधी बताते हुए उनपर हमला बोला. इसके अलावा रैली में महिलाओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान किया है.
पीएम मोदी का ममता सरकार पर हमला
पीएम मोदी ने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, TMC नहीं चाहती थी कि बंगाल की और बेटियां विधायक और सांसद बनें क्योंकि बंगाल की बेटियां उनके महा जंगल राज को चुनौती दे रही थीं, इसलिए, TMC ने कांग्रेस के साथ मिलकर साजिश की और महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन देने वाले कानून को पास होने से रोक दिया. बता दें कि, पिछले चुनावों में बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी. सत्ता की कुर्सी का स्वाद तो बीजेपी नहीं चख सकी लेकिन मुख्य विपक्षी दल जरूर बन गई. तो वहीं कांग्रेस और लेफ्ट का खाता भी नहीं खुल पाया था, लेकिन इस बार बीजेपी ममता बनर्जी के किले को ढहाने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रही है.
किसी राज्य में सत्ता बनाने और गिराने में महिला मतदाताओं का रोल अहम माना जाता है. बात करें NDA तो बिहार, महाराष्ट्र, और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में महिला वोटरों के दम पर NDA ने अपनी सरकार बनाई है. इसी सोच को लेकर अब बंगाल में बीजेपी काम कर रही है, लेकिन पार्टी के सामने कई चुनौतियाँ भी हैं. बता दें कि, राज्य में ममता बनर्जी की महिलाओं को लेकर चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को बीजेपी की तरफ से टक्कर नहीं मिल पाई है… लेकिन इस बार महिला वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में मातृ शक्ति वंदन योजना के तहत नकद प्रोत्साहन राशि को दोगुना करके 3 हजार रुपये देने का वादा किया है. बीजेपी नेताओं ने योजना के तहत योग्य महिलाओं के फॉर्म भरना भी शुरू कर दिया, जिसको लेकर कहीं न कहीं बीजेपी को उम्मीद है कि, बड़े स्तर पर महिलाएं बीजेपी की तरफ आकर्षित होंगी.
महिलाओं के बीच ममता बनर्जी एक लोकप्रिय नेता
बीजेपी की दूसरी मुश्किल यह है कि, बंगाल की महिलाओं के बीच ममता बनर्जी एक लोकप्रिय नेता है. उन्हें महिलाओं वोटरों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. ममता सीएम के रूप में बंगाली अस्मिता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं. उनका नारा बंगाल अपनी बेटी चाहता है ने विधानसभा चुनाव 2021 में महिलाओं को मजबूती से जोड़ा. बीजेपी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि, बीजेपी के पास ममता बनर्जी जैसे लोकल चेहरा भी नहीं है, जो महिलाओं में काफी लोकप्रिय हो. वहीं बीजेपी की तीसरी मुश्किल की बात की जाए तो बंगाल में मुस्लिम महिला वोटरों पर बीजेपी की पकड़ कम मानी जाती है. मुस्लिम महिला वोटरों पर कम पकड़ होना बीजेपी के लिए कहीं न कहीं बहुत बड़ा माइनस पोईंट है. ऐसा इसलिए क्योंकि, बंगाल में मुस्लिम वोटरों कई विधानसभा सीटों पर प्रभाव डालते है.
वहीं बीजेपी के लिए मुश्किल यह भी है कि, जहां एक तरफ टीएमसी ने 52 महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया है. तो वहीं बीजेपी ने महज 33 महिलाओं को टिकट दिया है. यह कुल उम्मीदवारों का करीब 11.22 प्रतिशत है. यहां आपको बता दें कि, साल 2019 में एक रिपोर्ट में बताया गया कि ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ऐसी है, जिसे पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के वोट ज्यादा मिलते हैं. इस बार के पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने महिला वोटरों पर खासा फोकस किया है. बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए काफी कल्याणकारी योजनाओं की भी घोषणा की है. बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने पर गरीब महिलाओं को हर महीने 3 हजार रुपये दिए जाएंगे. बीजेपी ने जो ऐलान किए हैं. उसका असर कितना होगा.. क्या बीजेपी की ये योजनाएं ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने में मदद कर पाएगी. यह तो 4 मई को ही पता चलेगा.