By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US
Search
Technology
  • Advertise with us
  • Newsletters
  • Deal
Health
  • Advertise
Entertainment
  • Advertise
© 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Reading: PM मोदी के फ्री ऑनलाइन कोचिंग ऐलान से बदल सकता है एजुकेशन मार्केट?
Share
Aa
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
Aa
Search
  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2023 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved.
Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi > Blog > Politics > PM मोदी के फ्री ऑनलाइन कोचिंग ऐलान से बदल सकता है एजुकेशन मार्केट?
Politics

PM मोदी के फ्री ऑनलाइन कोचिंग ऐलान से बदल सकता है एजुकेशन मार्केट?

Meena Chauhan
Last updated: 2026/08/15 at 7:51 PM
Meena Chauhan
Share
9 Min Read
फ्री ऑनलाइन कोचिंग
PM MODI FILE PHOTO
SHARE

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षकों को जोड़कर छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करेगी।

Contents
कितना बड़ा है भारत का ऑनलाइन कोचिंग बाजार?कितने छात्र लेते हैं निजी कोचिंग?निजी कोचिंग पर कितना खर्च करते हैं परिवार?पढ़ाई का खर्च कौन उठाता है?ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन कितना जरूरी?इंटरनेट की पहुंच अभी भी बड़ी चुनौतीक्या कोटा और ओल्ड राजेंद्र नगर पर पड़ेगा असर?प्राइवेट ऑनलाइन कोचिंग कंपनियों के सामने नई चुनौतीछात्रों के लिए क्या बदल सकता है?

इस घोषणा के बाद शिक्षा और कोचिंग सेक्टर में एक अहम सवाल उठ रहा है—अगर छात्रों को सरकार की ओर से अच्छी तैयारी मुफ्त में उपलब्ध होने लगेगी, तो निजी ऑनलाइन कोचिंग कंपनियों का कारोबार किस तरह प्रभावित होगा?

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में ऑनलाइन कोचिंग का बाजार पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है।

कितना बड़ा है भारत का ऑनलाइन कोचिंग बाजार?

Allied Market Research की रिपोर्ट के अनुसार भारत का ऑनलाइन कोचिंग बाजार 2023 में करीब 1,900 करोड़ रुपये का था। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2034 तक यह बाजार करीब 8,100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

यानी आने वाले वर्षों में ऑनलाइन शिक्षा का बाजार कई गुना बढ़ने की संभावना जताई गई है। ऐसे समय में सरकार की फ्री ऑनलाइन कोचिंग की पहल निजी कंपनियों के लिए एक नई चुनौती बन सकती है।

हालांकि, इसका वास्तविक असर योजना के दायरे, शिक्षकों की उपलब्धता, पढ़ाई की गुणवत्ता और छात्रों तक इसकी पहुंच पर निर्भर करेगा।

कितने छात्र लेते हैं निजी कोचिंग?

MoSPI के Comprehensive Modular Survey: Education 2025 के मुताबिक देश में करीब 27 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जो निजी कोचिंग ले रहे हैं या पहले ले चुके हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा करीब 25.5 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 30.7 प्रतिशत बताया गया है।

कक्षा के स्तर पर देखें तो माध्यमिक स्तर पर निजी कोचिंग लेने वाले छात्रों की हिस्सेदारी 37.8 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 37 प्रतिशत रही। मिडिल स्तर पर यह आंकड़ा 29.6 प्रतिशत, प्राइमरी में 22.9 प्रतिशत और प्री-प्राइमरी में 11.6 प्रतिशत बताया गया है।

इन आंकड़ों से साफ है कि अतिरिक्त पढ़ाई और कोचिंग की मांग सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है।

निजी कोचिंग पर कितना खर्च करते हैं परिवार?

सर्वे के अनुसार निजी कोचिंग पर एक छात्र का औसत सालाना खर्च करीब 2,409 रुपये बताया गया है। पुरुष छात्रों के लिए यह औसत खर्च 2,572 रुपये और महिला छात्रों के लिए 2,227 रुपये रहा।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच भी बड़ा अंतर दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में औसत सालाना खर्च करीब 1,793 रुपये, जबकि शहरी क्षेत्रों में करीब 3,988 रुपये बताया गया है।

ऐसे में सरकार की फ्री ऑनलाइन कोचिंग अगर गुणवत्तापूर्ण सामग्री और अनुभवी शिक्षकों तक छात्रों की पहुंच बनाती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह एक अहम विकल्प बन सकती है।

पढ़ाई का खर्च कौन उठाता है?

सर्वे में शिक्षा के खर्च को लेकर परिवार की भूमिका भी सामने आती है। करीब 95 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि उनकी शिक्षा का खर्च परिवार के किसी दूसरे सदस्य द्वारा उठाया जाता है।

इसका मतलब है कि कोचिंग और शिक्षा से जुड़ा खर्च सीधे तौर पर परिवार के बजट को प्रभावित करता है। ऐसे में मुफ्त सरकारी विकल्प छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए आकर्षक हो सकते हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन कितना जरूरी?

फ्री ऑनलाइन कोचिंग की सफलता केवल कंटेंट और शिक्षकों पर निर्भर नहीं करेगी। इसके लिए छात्रों के पास स्मार्टफोन और इंटरनेट की सुविधा होना भी जरूरी है।

ASER 2024 के मुताबिक 14 से 16 साल की उम्र के करीब 82 प्रतिशत बच्चों को स्मार्टफोन इस्तेमाल करना आता है। लेकिन सिर्फ 57 प्रतिशत छात्र इसका इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करते हैं।

वहीं करीब 76 प्रतिशत बच्चे स्मार्टफोन का इस्तेमाल सोशल मीडिया के लिए करते हैं।

स्मार्टफोन की उपलब्धता में लड़के और लड़कियों के बीच भी अंतर सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार करीब 26.9 प्रतिशत लड़कियों के पास अपना स्मार्टफोन था, जबकि लड़कों में यह आंकड़ा 36.2 प्रतिशत रहा।

इंटरनेट की पहुंच अभी भी बड़ी चुनौती

ऑनलाइन शिक्षा का मॉडल तभी सफल हो सकता है जब छात्रों के पास स्थिर इंटरनेट कनेक्शन हो। 2025 के Comprehensive Modular Survey on Telecom के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 83.3 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 91.6 प्रतिशत घरों तक इंटरनेट की पहुंच थी।

इसका मतलब है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी में सुधार के बावजूद ग्रामीण और शहरी भारत के बीच अंतर अभी मौजूद है।

इंटरनेट की तकनीकी गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 3.8 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 15.3 प्रतिशत बताई गई है।

इसलिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग का ऐलान अपने आप में पर्याप्त नहीं होगा। छात्रों तक तेज इंटरनेट, डिवाइस और गुणवत्तापूर्ण डिजिटल सामग्री पहुंचाना भी जरूरी होगा।

क्या कोटा और ओल्ड राजेंद्र नगर पर पड़ेगा असर?

सरकार की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का असर सिर्फ डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। अगर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को घर से ही अच्छे शिक्षकों और अध्ययन सामग्री की सुविधा मिलती है, तो दूसरे शहरों में जाकर कोचिंग करने की जरूरत कुछ छात्रों के लिए कम हो सकती है।

कोटा लंबे समय से JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए देश के बड़े कोचिंग केंद्रों में शामिल रहा है। इसी तरह दिल्ली का ओल्ड राजेंद्र नगर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए जाना जाता है।

अगर सरकारी डिजिटल व्यवस्था बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो छात्रों के दूसरे शहरों में जाकर रहने, किराया देने और कोचिंग फीस पर होने वाले खर्च में कमी आ सकती है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पारंपरिक कोचिंग संस्थानों का बाजार तुरंत खत्म हो जाएगा। कई छात्र अभी भी ऑफलाइन क्लास, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, टेस्ट सीरीज और साथियों के प्रतिस्पर्धी माहौल को प्राथमिकता देते हैं।

प्राइवेट ऑनलाइन कोचिंग कंपनियों के सामने नई चुनौती

PM मोदी की घोषणा के बाद निजी ऑनलाइन कोचिंग कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फीस के मुकाबले वैल्यू को लेकर हो सकती है।

सरकारी प्लेटफॉर्म अगर मुफ्त में अच्छे शिक्षक, टेस्ट सीरीज, रिकॉर्डेड लेक्चर और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराता है, तो निजी कंपनियों को अपनी सेवाओं को और बेहतर बनाना पड़ सकता है।

ऐसे में कंपनियां पर्सनलाइज्ड लर्निंग, AI आधारित टेस्ट एनालिसिस, मेंटरशिप, डाउट सॉल्विंग और एडवांस्ड टेस्ट सीरीज जैसे फीचर्स पर ज्यादा ध्यान दे सकती हैं।

छात्रों के लिए क्या बदल सकता है?

इस योजना का सबसे बड़ा संभावित फायदा यह हो सकता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी सिर्फ बड़े शहरों या महंगे कोचिंग संस्थानों तक सीमित न रहे।

अगर सरकारी व्यवस्था मजबूत तरीके से लागू होती है, तो छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी अनुभवी शिक्षकों और डिजिटल स्टडी मटेरियल तक पहुंच मिल सकती है।

हालांकि, असली तस्वीर योजना लागू होने के बाद ही साफ होगी। शिक्षकों की गुणवत्ता, तकनीकी ढांचा, कंटेंट की नियमितता और छात्रों तक पहुंच—इन सभी चीजों पर इसका परिणाम निर्भर करेगा।

 

ये भी पढ़ें: स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत, सरकारी स्कूलों की सुविधाओं पर सवाल

You Might Also Like

यूपी में कुर्मी वोटरों पर क्यों बढ़ा फोकस? BJP से सपा तक की नजर

कांग्रेस मेलोनी विवाद पर बढ़ा सियासी घमासान, विदेश मंत्रालय ने दी नसीहत

UP Election 2027: महिलाओं को 50 हजार देने की तैयारी? योगी सरकार के प्लान पर अखिलेश का बड़ा दांव

क्या आकाश आनंद बनेंगे BSP के गेम चेंजर? 2027 चुनाव से पहले मायावती का नया दांव

वेस्ट यूपी में चंद्रशेखर को रोकने कांग्रेस का बड़ा दांव

TAGGED: pm modi, ऑनलाइन कोचिंग बाजार, प्रतियोगी परीक्षा, फ्री ऑनलाइन कोचिंग, शिक्षा

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Copy Link Print
Share
Previous Article स्कूल ठीक करो अभियान स्कूल ठीक करो अभियान की शुरुआत, सरकारी स्कूलों की सुविधाओं पर सवाल
Next Article कुर्मी वोटर यूपी में कुर्मी वोटरों पर क्यों बढ़ा फोकस? BJP से सपा तक की नजर
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Platform

  • Facebook
  • Instagram
  • Twitter
  • YouTube

Latest News

तमिलनाडु राजनीति
CM विजय के ‘पिता कहां हैं’ बयान पर BJP में घमासान, अन्नामलाई ने दी नसीहत
State 15/08/2026
सीतापुर किशोरी मामला
सीतापुर में 4 दिन से लापता किशोरी का शव मिला, चौकी इंचार्ज सस्पेंड
uttar-pradesh 15/08/2026
Awarapan 2 Box Office Collection
आवारापन 2 ने रचा इतिहास, इमरान हाशमी की इन 5 फिल्मों की भी रही दमदार ओपनिंग
Entertainment 15/08/2026
कुर्मी वोटर
यूपी में कुर्मी वोटरों पर क्यों बढ़ा फोकस? BJP से सपा तक की नजर
Politics 15/08/2026

Stay Connected

61k Like
102 Follow
616 Follow
5.9k Subscribe

TV7 Bharat एक हिन्दी समाचार डिजिटल टी वी चैनल है। इसका स्वामित्व कोलकाता टीवी ग्रुप नेटवर्क के पास है। TV7 Bharat भारत के सर्वाधिक देखे जाने वाले हिन्दी डिजिटल समाचार चैनलों में से एक है। TV7 Bharat का मुख्यालय नॉएडा, भारत में स्थित है।

Quick Link

  • HOME
  • ABOUT US
  • CONTACT US
  • DISCLAIMER
  • PRIVACY POLICY
  • TERMS & CONDITIONS

Top Categories

  • POLITICS
  • NATIONAL
  • INTERNATIONAL
  • BUSINESS
  • TECHHot
  • ABOUT US
  • EDITORIAL TEAM
  • CONTACT US

Sign Up for Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

    Hindi News | हिंदी न्यूज़ | Latest News in Hindi, Breaking News in Hindi
    Follow US

    © 2022 TV7 Bharat News Network. All Rights Reserved. Designed & Developed by WebsArt

    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Lost your password?