उत्तर प्रदेश में छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने वाली रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। योजना के तहत मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि कुछ विशेष श्रेणी की छात्राओं को सामान्य मेरिट से 10 फीसदी तक कम अंक होने पर भी योजना का लाभ मिल सकता है।
सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति को कम करना है। योजना के तहत विश्वविद्यालय और कॉलेज में पढ़ने वाली पात्र छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
10 फीसदी कम अंक पर भी मिल सकता है लाभ
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना में सामान्य मेधावी छात्राओं के लिए निर्धारित मेरिट के अलावा कुछ विशेष श्रेणियों को अतिरिक्त राहत देने का प्रावधान बताया गया है। शहीद परिवार की बेटियां, दिव्यांग छात्राएं और निराश्रित छात्राओं को सामान्य कटऑफ से 10 फीसदी तक कम अंक होने के बावजूद पात्रता मिल सकती है।
इसका मतलब है कि यदि किसी छात्रा के अंक सामान्य मेरिट से थोड़े कम हैं, लेकिन वह निर्धारित विशेष श्रेणी में आती है, तो उसे योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।
शहीद परिवार की बेटियों को प्राथमिकता
योजना में शहीद परिवार से संबंधित छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान रखा गया है। इसमें तीनों सेनाओं के साथ अर्द्धसैनिक बलों से जुड़े शहीद परिवारों को भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा अविवाहित शहीद सैनिक की मां और अविवाहित बहन को भी निर्धारित शर्तों के तहत योजना का लाभ मिलने का प्रावधान बताया गया है।
दिव्यांग छात्राओं के लिए भी विशेष प्रावधान
दिव्यांग श्रेणी में पात्रता के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी छात्राएं पात्र होंगी जो स्कूटी चलाने में सक्षम हों। इसके लिए दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र भी आवश्यक होगा।
बताया गया है कि पात्र छात्राओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
परिवार की आय भी होगी महत्वपूर्ण
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना का लाभ लेने के लिए केवल मेरिट ही आधार नहीं होगी। परिवार की वार्षिक आय भी पात्रता की महत्वपूर्ण शर्त होगी।
जानकारी के अनुसार योजना का लाभ उन परिवारों की छात्राओं को मिलेगा जिनकी सालाना आय 12 लाख रुपये तक है। इससे अधिक वार्षिक आय वाले परिवार इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
मेडिकल और टेक्निकल छात्राओं को भी लाभ
योजना का दायरा केवल सामान्य कॉलेजों तक सीमित नहीं रखा गया है। मेडिकल, टेक्निकल और कृषि विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने वाली पात्र छात्राओं को भी इसका लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है।
योजना की प्रक्रिया शुरू होने के बाद विश्वविद्यालयों की ओर से पात्र छात्राओं की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
स्कूटी के साथ हेलमेट और पेट्रोल भी
पात्र छात्राओं को केवल स्कूटी ही नहीं दी जाएगी। योजना के तहत स्कूटी के रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस की व्यवस्था भी शामिल होने की जानकारी है। इसके साथ ISI मार्क हेलमेट और शुरुआती उपयोग के लिए 4 लीटर पेट्रोल देने का भी प्रावधान बताया गया है।
कब शुरू होगी योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना को लेकर छात्राओं में काफी उत्सुकता है। पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र छात्राओं की जानकारी विश्वविद्यालय स्तर से आगे भेजी जाएगी। सत्यापन पूरा होने के बाद स्कूटी आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हालांकि, आवेदन की अंतिम तारीख, पोर्टल और जिलेवार प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही छात्राओं को आवेदन करना चाहिए। किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय सरकारी सूचना की पुष्टि करना जरूरी है।
नोट: योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य नियमों में आधिकारिक दिशा-निर्देश के अनुसार बदलाव संभव है। छात्राओं को आवेदन से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल या विभागीय सूचना जरूर देखनी चाहिए।