हर हफ्ते नए बैच, हर बैच में नई खुशिया
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी सौगात का ऐलान किया है। मंगलवार को एक नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उन्होंने घोषणा की कि आने वाले छह महीनों के भीतर राज्य सरकार पूरे 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपेगी। योगी 1 लाख सरकारी नौकरी की यह योजना किसी एक झटके में नहीं, बल्कि हर हफ्ते अलग-अलग बैचों के जरिए चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, जिससे लगातार युवाओं को रोजगार मिलता रहेगा।
2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था पर सीधा प्रहार
अपने संबोधन में सीएम योगी पुरानी सरकारों पर बरसने से भी नहीं चूके। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले भर्ती विज्ञापन महज एक दिखावा हुआ करते थे, जिनका इस्तेमाल कुछ खास परिवारों और गिरोहों द्वारा राज्यभर में वसूली के लिए किया जाता था। उस दौर में परीक्षा परिणाम समय पर घोषित ही नहीं होते थे, और आखिरकार अदालतों को दखल देकर स्थगन आदेश जारी करने पड़ते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमी युवाओं की प्रतिभा में नहीं, बल्कि भर्ती तंत्र में बैठे भ्रष्ट लोगों और नेताओं की नीयत में थी।
9.30 लाख नौकरियां, एक भी उंगली नहीं उठी
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम ने बताया कि बीते साढ़े नौ वर्षों में ‘डबल इंजन’ सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 9.30 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, और खास बात यह रही कि इनमें से एक भी नियुक्ति पर कोई सवाल नहीं उठ सका। साथ ही उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने वाले धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है।
जापान, जर्मनी और इजराइल में भी बज रहा यूपी के युवाओं का डंका
सीएम योगी ने गर्व से बताया कि अब यूपी के युवाओं की काबिलियत का लोहा विदेशों में भी माना जाने लगा है। जापान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल हाल ही में भारत दौरे पर आया और उसने यूपी के युवाओं को रोजगार देने की इच्छा जताई। इसके अलावा जर्मनी और इजराइल जैसे देश भी यूपी के युवाओं को नौकरी देने के लिए आगे आ रहे हैं। फिलहाल करीब 5,000 युवा इजराइल जा चुके हैं, जहां उन्हें मुफ्त भोजन-आवास के साथ हर महीने डेढ़ लाख रुपये तक कमाने का मौका मिल रहा है।
‘बीमारू’ राज्य से वैश्विक पहचान तक का सफर
अतीत को याद करते हुए सीएम ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के तौर पर जाना जाता था, जहां युवा पलायन को मजबूर थे, किसान संकट झेल रहे थे, बेटियां असुरक्षित महसूस करती थीं और व्यापारी माफियाओं के आतंक से परेशान थे। उन्होंने दावा किया कि यह तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है।
चीनी संकट की अफवाहों को भी किया खारिज
चीनी की कमी को लेकर उड़ रही अफवाहों पर भी सीएम ने साफ जवाब दिया। उन्होंने बताया कि राज्य के पास फिलहाल 28 लाख टन चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जबकि मासिक खपत सिर्फ 4 लाख टन है। उन्होंने आगे कहा कि 15 अक्टूबर से चीनी मिलें शुरू होने के बाद 90 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन होगा, जिससे न सिर्फ राज्य के 25 करोड़ नागरिकों बल्कि पूरे देश की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता उत्तर प्रदेश के पास है।