CM Yogi: वाराणसी में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों, कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहले अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पाता था।
रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक असर तभी दिखाई देता है, जब उनका लाभ जमीन पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने इसी संदर्भ में वर्ष 2014 से पहले की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए।
CM Yogi ने सपा सरकार पर क्या कहा?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CM Yogi ने पिछली सरकारों की नीतियों पर निशाना साधते हुए पूछा कि गरीबों, कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार की योजनाओं का विजन उस समय जमीनी स्तर पर क्यों नहीं दिखाई देता था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले सरकारों की घोषणाएं तो होती थीं, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने के बीच बड़ी खाई बनी रहती थी। उनके मुताबिक, इसका सबसे ज्यादा असर समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों पर पड़ता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य और बच्चों के पोषण से जुड़े मुद्दे केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि इनके परिणाम भी दिखाई देने चाहिए।
योजनाओं की निगरानी और डिजिटल व्यवस्था पर जोर
CM Yogi ने कहा कि पहले कई योजनाओं का विजन सरकारी फाइलों तक सीमित रह जाता था। उनके अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्रों को मजबूत करने और योजनाओं की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत थी।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तकनीक और डिजिटल व्यवस्था के इस्तेमाल से अब सरकारी योजनाओं की लास्ट-माइल डिलीवरी को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को भी पोषण से जुड़े कार्यक्रमों की अहम कड़ी बताया और कहा कि बच्चों तथा महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूत करना जरूरी है।
9वें राष्ट्रीय पोषण माह का वाराणसी से शुभारंभ
वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, उत्तर प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय पोषण माह हर वर्ष सितंबर में आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और किशोरों के बीच पोषण, स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
पोषण को विकसित भारत से जोड़ने का लक्ष्य
पोषण अभियान की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। इसका व्यापक उद्देश्य कुपोषण की चुनौती से निपटना और पोषण को देश के विकास एजेंडे से जोड़ना है।
कार्यक्रम में CM Yogi ने मातृ एवं शिशु पोषण को स्वस्थ समाज की बुनियाद बताते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उनका कहना था कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचाना भी होना चाहिए।
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