अमेरिका सहित दुनियाभर की कंपनियों में इस साल छंटनी की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि 2026 में AI की वजह से नौकरियां जाने की रफ्तार पिछले दो सालों के मुकाबले कई गुना तेज़ हो गई है।
आंकड़े क्या कहते हैं?
आउटप्लेसमेंट फर्म Challenger, Gray & Christmas की रिपोर्ट के मुताबिक:
- 2026 के पहले पांच महीनों में ही अमेरिका में AI से जुड़ी छंटनी का आंकड़ा 87,714 तक पहुंच गया।
- मुकाबले के लिए देखें तो 2025 में पूरे साल में यह संख्या 54,836 थी, और 2024 में सिर्फ 12,742।
- मई 2026 में हुई कुल छंटनियों में से करीब 40% के लिए सीधे तौर पर AI को ज़िम्मेदार बताया गया, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा सिर्फ 7% था।
वहीं जॉब ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Layoffs.fyi के अनुसार, 2026 में हुई कुल छंटनियों में से 54% घटनाओं में कंपनियों ने साफ तौर पर AI, ऑटोमेशन या मशीन लर्निंग को एक वजह बताया, जिससे 1.7 लाख से ज़्यादा कर्मचारी प्रभावित हुए। पिछले साल यानी 2025 में यह आंकड़ा सिर्फ 8% था।
सबसे ज़्यादा असर टेक सेक्टर पर
टेक इंडस्ट्री इस बदलाव की सबसे बड़ी शिकार बनी है:
- सिर्फ मई 2026 में टेक कंपनियों ने 38,242 नौकरियां खत्म कीं, जो अगस्त 2024 के बाद का सबसे ऊंचा मासिक आंकड़ा है।
- साल की शुरुआत से अब तक टेक सेक्टर में 1.65 लाख से ज़्यादा पद समाप्त किए जा चुके हैं।
- अब यह ट्रेंड सिर्फ टेक तक सीमित नहीं रहा — फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, कंसल्टिंग, मीडिया, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी AI से जुड़ी छंटनी हो रही है।
बड़ी कंपनियों के उदाहरण भी सामने आए हैं — जैसे फिनटेक कंपनी Block ने अपने CEO जैक डॉर्सी के बयान के मुताबिक AI को सीधा कारण बताते हुए वर्कफोर्स लगभग आधी कर दी, वहीं Atlassian ने भी “AI युग” के हवाले से 10% कर्मचारियों की छंटनी की।
क्या हर छंटनी सच में AI की वजह से है?
विशेषज्ञ इस मामले में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ग्लासडोर के चीफ इकोनॉमिस्ट डैनियल झाओ का कहना है कि सिर्फ इसलिए कि कोई कंपनी छंटनी की वजह AI बताती है, इसका मतलब यह नहीं कि असल कारण वही है — कई बार यह सामान्य लागत-कटौती को AI का नाम देकर पेश करने जैसा भी हो सकता है, जिसे “AI washing” कहा जा रहा है।
खुद OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में स्वीकार किया कि कुछ हद तक “AI washing” हो रही है, जहां कंपनियां ऐसी छंटनियों का दोष भी AI पर मढ़ रही हैं जो वे वैसे भी करतीं — लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि असली AI-जनित नौकरी नुकसान भी हो रहा है।
सबसे ज़्यादा खतरे में कौन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक एंट्री-लेवल नौकरियां और नए ग्रेजुएट्स सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि कंपनियां जूनियर स्तर के कई काम अब AI टूल्स से करवा रही हैं, जिससे फ्रेशर्स के लिए नौकरी की जॉब पोस्टिंग्स में गिरावट आई है।