आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक तरफ जहां लाखों लोगों की नौकरियां छीन रहा है, वहीं दूसरी तरफ जेन-Z की एक नई पीढ़ी को रातों-रात अरबपति भी बना रहा है। बीते कुछ ही सालों में 20 से 30 साल की उम्र के कई युवा उद्यमी इस टेक्नोलॉजी की बदौलत अरबों की संपत्ति के मालिक बन गए हैं। कोई ₹600 करोड़ से ज्यादा का आलीशान घर खरीद रहा है, तो किसी की कंपनी की वैल्यूएशन इतनी तेजी से बढ़ी कि वह महज 23 साल की उम्र में ही अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हो गया।
अमेरिका के सिलिकॉन वैली में इन दिनों AI को लेकर जबरदस्त होड़ मची हुई है। बड़ी टेक कंपनियों के साथ-साथ छोटी AI स्टार्टअप्स में भी अरबों डॉलर का निवेश हो रहा है, जिसका सीधा फायदा उन लोगों को मिल रहा है जिन्होंने सही समय पर AI कंपनियां शुरू कीं या उनमें हिस्सेदारी ली। New York Post की एक रिपोर्ट के मुताबिक, AI स्टार्टअप्स ने पिछले कुछ समय में दर्जनों नए युवा अरबपति पैदा किए हैं।
31 साल के AI साइंटिस्ट ने खरीदा ₹600 करोड़ से ज्यादा का घर
इस कहानी का सबसे चर्चित नाम है यूहुआई टोनी वू का। 31 वर्षीय वू एलॉन मस्क की AI कंपनी xAI के शुरुआती सह-संस्थापकों में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कैलिफोर्निया के हिल्सबर्ग में करीब 7 करोड़ डॉलर यानी 600 करोड़ रुपये से ज्यादा में बिकी एक आलीशान संपत्ति से उनका नाम जुड़ा है। लगभग 12 एकड़ में फैला यह घर इटली के लेकसाइड विला की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जिसमें मुख्य बंगला, गेस्ट हाउस, स्विमिंग पूल, गार्डन और खेल सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स में सीधे तौर पर खरीदार का नाम सामने नहीं आया है।
31 साल की Lucy Guo का 250 करोड़ का घर
AI से मालामाल होने वाली युवा पीढ़ी में Scale AI की सह-संस्थापक लूसी गूओ का नाम भी अहम है। Forbes के मुताबिक अगस्त 2026 में उनकी अनुमानित संपत्ति करीब 1.5 अरब डॉलर आंकी गई थी। उन्होंने Scale AI के बाद पासेस नाम से एक क्रिएटर प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया। साल 2025 में लूसी ने लॉस एंजेलिस के हॉलीवुड हिल्स में करीब 2.95 करोड़ डॉलर यानी लगभग 250 करोड़ रुपये का शानदार घर खरीदा था, जिसका क्षेत्रफल करीब 13,500 वर्ग फुट है।
23 साल के तीन दोस्त और 10 अरब डॉलर की कंपनी
AI ने सिर्फ अनुभवी टेक एक्सपर्ट्स को ही अमीर नहीं बनाया, बल्कि कॉलेज छोड़ चुके युवाओं को भी यह मौका दिया। Mercor कंपनी के तीन सह-संस्थापक ब्रेंडन फूडी, आदर्श और सूर्या स्कूल के जमाने से दोस्त थे। इन तीनों ने कॉलेज बीच में छोड़कर अपने स्टार्टअप पर काम शुरू किया। शुरुआत में भर्ती से जुड़ी AI तकनीक पर काम करने वाली Mercor बाद में AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए एक्सपर्ट्स और डेटा उपलब्ध कराने के कारोबार में तेजी से आगे बढ़ी। कंपनी को 35 करोड़ डॉलर की फंडिंग मिली और इसकी वैल्यूएशन 10 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसके बाद तीनों दुनिया के सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपतियों में शुमार हो गए।
भारत के अरविंद श्रीनिवास भी इस लिस्ट में
इस नई AI अरबपति पीढ़ी में भारत का नाम भी है। Perplexity के CEO और सह-संस्थापक अरविंद श्रीनिवास ने 2022 में यह कंपनी शुरू की थी, जो पारंपरिक सर्च इंजन से अलग, AI की मदद से सीधे जवाब देने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर तेजी से लोकप्रिय हुई। Forbes India के मुताबिक, 2026 में उनकी अनुमानित संपत्ति करीब 2.1 अरब डॉलर आंकी गई और वह Forbes की अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए।
सिलिकॉन वैली के रियल एस्टेट बाजार पर भी असर
AI कंपनियों की बढ़ती वैल्यूएशन का असर अब सीधे लग्जरी प्रॉपर्टी मार्केट में भी नजर आ रहा है। सैन फ्रैंसिस्को बे एरिया में AI सेक्टर से जुड़े अति-धनी खरीदारों की संख्या तेजी से बढ़ी है। गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, हिल्सबर्ग में हुई 7 करोड़ डॉलर की डील इसी नई दौलत का बड़ा उदाहरण है। रियल एस्टेट एजेंट्स का कहना है कि पिछले एक साल में AI सेक्टर से आने वाले अति-धनी खरीदारों की तादाद में तेज उछाल आया है।
AI को लेकर अक्सर यह बहस होती है कि यह कितनी नौकरियां खत्म करेगा, लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी उतना ही बड़ा है — यह तकनीक बिल्कुल नई अरबपति पीढ़ी तैयार कर रही है। कुछ साल पहले सोशल मीडिया ने युवा करोड़पति-अरबपति पैदा किए थे, फिर क्रिप्टो का दौर आया, और अब AI अगली बड़ी दौलत बनाने वाली तकनीक साबित हो रहा है।