उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ बेंगलुरु में दर्ज हुई FIR के बाद महेंद्र भट्ट शुद्धिकरण विवाद FIR मामले ने नया मोड़ ले लिया है। कर्नाटक में शुद्धिकरण से जुड़े कथित बयान को लेकर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब भट्ट ने पूरे मामले से किनारा कर लिया है।
देहरादून में मीडिया से की बातचीत
शनिवार को देहरादून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान महेंद्र भट्ट ने कहा कि मीडिया वाले पूरी बात को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन्होंने कोई विवादित बयान दिया है या भाजपा की ओर से ऐसी कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी हुई है, तो इस पर सवाल उठना लाजिमी है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
भट्ट ने आगे कहा कि भाजपा का इस पूरे प्रकरण से कोई सरोकार नहीं है और कांग्रेस इस मुद्दे पर बौखलाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले देश को बांटने का काम करती रही है और अब समाज में द्वेष फैलाने का प्रयास कर रही है। भट्ट के अनुसार उत्तराखंड कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को गलत जानकारी दी है।
किस बयान पर हुई थी FIR
गौरतलब है कि 25 अगस्त को मीडिया से बातचीत के दौरान महेंद्र भट्ट कथित तौर पर खरगे की रैली के बाद वहां शुद्धिकरण को लेकर विवादित टिप्पणी करते नजर आए थे। इसी बयान के वीडियो के आधार पर बेंगलुरु में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पलटवार करते हुए कहा था कि सफाई और शुद्धिकरण में साफ फर्क होता है।
राजनीतिक जंग का नया मोड़
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नैनीताल पुलिस से खरगे के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके एक दिन बाद ही शुद्धिकरण हवन में शामिल दो अनुसूचित जाति के युवाओं ने राहुल गांधी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करा दिया था। अब कर्नाटक में महेंद्र भट्ट पर दर्ज FIR ने इस राजनीतिक टकराव को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।
सवालों के घेरे में भाजपा नेतृत्व
FIR दर्ज होने के बाद महेंद्र भट्ट के इस बदले रुख से राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पहले शुद्धिकरण को सही ठहराने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अब कानूनी कार्रवाई के डर से अपने ही बयान से मुकर रहे हैं। मामले को लेकर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।