मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बंडा तहसील के कई गांवों में जहरीली शराब के सेवन के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ी और अब तक 10 मौतों की प्रशासनिक पुष्टि हो चुकी है। वहीं, कुछ स्थानीय रिपोर्टों और जनप्रतिनिधियों की ओर से मृतकों की संख्या 11 या उससे ज्यादा बताए जाने की बात भी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एक वरिष्ठ अधिकारी को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
3 आबकारी अधिकारी सस्पेंड, एक मुख्यालय अटैच
Sagar Poisonous Liquor Tragedy के बाद जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती शामिल हैं। तीनों को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। इस तरह इस मामले में कुल चार आबकारी अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
बंडा तहसील के गांवों में बिगड़े हालात
यह मामला सागर जिले की बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन समेत आसपास के इलाकों से सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार रात शराब पीने के बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लोगों को उल्टी, सिरदर्द और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें हुईं।
कई मरीजों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि गंभीर स्थिति वाले मरीजों को सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग भी कर रही हैं, ताकि शराब पीने वाले अन्य लोगों की पहचान समय रहते की जा सके।
मौतों के आंकड़े पर अलग-अलग दावे
इस घटना में मौतों के आंकड़े को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने फिलहाल 10 मौतों की पुष्टि की है। वहीं, स्थानीय बीजेपी विधायक ने मृतकों की संख्या 11 बताई है। कुछ अन्य स्थानीय रिपोर्टों में इससे ज्यादा मौतों का भी दावा किया गया है।
ऐसे में आधिकारिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मृतकों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है।
ललितपुर से जुड़ रहा जहरीली शराब का कनेक्शन
जांच में जहरीली शराब की सप्लाई को लेकर उत्तर प्रदेश के ललितपुर से कनेक्शन की आशंका सामने आई है। प्रशासन को शुरुआती जांच में कथित तौर पर ऐसे नेटवर्क की जानकारी मिली है, जो ललितपुर से शराब की सप्लाई से जुड़ा हो सकता है।
हालांकि, सप्लाई चेन और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है। कुछ रिपोर्टों में नकली शराब की बोतलों पर फर्जी रैपर और QR कोड इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को गंभीर बताते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित इलाकों में पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के साथ अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
अवैध शराब के नेटवर्क पर जांच तेज
सागर की घटना ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में अवैध और नकली शराब की बिक्री को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसकी सप्लाई किन लोगों ने की और स्थानीय स्तर पर इसे बेचने में कौन-कौन शामिल था।
फिलहाल सरकार का फोकस प्रभावित लोगों को इलाज उपलब्ध कराने, नए मामलों की पहचान करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां या प्रशासनिक कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।