मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की उलझी हुई डोर को उजागर कर दिया। 23 अगस्त को रातीबड़ थाना क्षेत्र के गोरेगांव इलाके में एक व्यक्ति ने पुलिस थाने पहुंचकर अपनी पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की, घरवालों से पूछताछ की और आसपास के इलाकों की छानबीन की, लेकिन चार दिन तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
27 अगस्त को एक खंडहर मकान से एक महिला का शव बरामद हुआ। पहचान होने पर पता चला कि मृतका राखी रैकवार थी — वही महिला जिसे पुलिस पिछले चार दिनों से तलाश रही थी।
जांच में सामने आई रिश्तों की उलझी कहानी
शव मिलने के बाद रातीबड़ पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। सामने कई सवाल थे — राखी की हत्या किसने की, क्यों की, और शव खंडहर तक कैसे पहुंचा। पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच के साथ आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। जांच आगे बढ़ी तो कहानी प्रेम संबंधों, पुराने रिश्तों और जलन के जटिल जाल तक पहुंच गई।
पुलिस के अनुसार, राखी के पति मोनू रैकवार की एक प्रेमिका थी — शशि रैकवार। पुलिस का दावा है कि शशि को राखी का अपने पति के साथ रहना पसंद नहीं था, और यही नाराजगी धीरे-धीरे एक साजिश में बदल गई।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त की सुबह जब मोनू रैकवार काम पर गया हुआ था, घर में सिर्फ राखी और शशि मौजूद थीं। इसी दौरान शशि ने अपने पुराने प्रेमी नरेंद्र को घर बुलाया। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने मिलकर राखी की हत्या को अंजाम दिया — शशि ने मुंह दबाया और नरेंद्र ने गला घोंटा, इसके बाद दुपट्टे से गले पर गांठ कस दी गई।
हत्या के बाद शव को चादर से ढककर पास के एक खंडहर मकान में छिपा दिया गया। इसके बाद नरेंद्र मौके से फरार होकर इटारसी पहुंच गया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में उगला राज
पुलिस ने पूछताछ के दौरान शशि रैकवार पर शक गहराया, जिसके बाद कथित तौर पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस का कहना है कि शशि ने बताया कि उसने अपने पुराने दोस्त नरेंद्र के साथ मिलकर राखी की हत्या की, क्योंकि उसे राखी का मोनू के साथ रहना नागवार गुजर रहा था।
पुलिस ने शशि रैकवार को उसके घर से हिरासत में लिया, जबकि नरेंद्र को इटारसी से गिरफ्तार किया गया। एसीपी अंकिता खातरकर ने पुष्टि की कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया है।
पुलिस जांच की टाइमलाइन एक नजर में
इस पूरे मामले को अगर क्रमवार तरीके से समझें तो घटनाओं का सिलसिला कुछ इस तरह रहा:
- 23 अगस्त, सुबह: मोनू रैकवार काम पर निकला, घर में सिर्फ राखी और शशि मौजूद रहीं
- 23 अगस्त, दिन में: पुलिस के मुताबिक शशि ने अपने पुराने प्रेमी नरेंद्र को घर बुलाया और कथित तौर पर हत्या को अंजाम दिया गया
- 23 अगस्त, शाम: मोनू ने घर लौटकर पत्नी को गायब पाया और थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई
- 24-26 अगस्त: पुलिस की तलाश जारी रही, घरवालों और आसपास के लोगों से पूछताछ हुई
- 27 अगस्त: गोरेगांव के एक खंडहर मकान से राखी का शव बरामद हुआ
- 27 अगस्त के बाद: CCTV फुटेज खंगाली गई, तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और शशि से पूछताछ शुरू हुई
- गिरफ्तारी: शशि रैकवार को घर से हिरासत में लिया गया, वहीं नरेंद्र को फरार होकर पहुंचे इटारसी से पकड़ा गया
जांच में तकनीकी सबूतों की अहम भूमिका
इस केस को सुलझाने में पुलिस की पारंपरिक पूछताछ के साथ-साथ आधुनिक जांच तरीकों ने भी बड़ी भूमिका निभाई। घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने से संदिग्ध आवाजाही की जानकारी मिली। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने भी जांच की दिशा तय करने में मदद की। यही वजह रही कि गुमशुदगी दर्ज होने के महज चार दिन के भीतर ही पुलिस असली आरोपियों तक पहुंच पाई।
रिश्तों में जलन बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में जो बात सामने आई है, वह रिश्तों की एक जटिल और परेशान करने वाली तस्वीर पेश करती है। एक तरफ पति का अपनी पत्नी से रिश्ता था, तो दूसरी तरफ उसी पति की एक प्रेमिका भी थी। पुलिस के मुताबिक इस प्रेमिका को यह बात नागवार गुजर रही थी कि पत्नी और पति एक साथ रह रहे हैं। यही जलन धीरे-धीरे इतनी गहरी हो गई कि उसने अपने पुराने प्रेमी को इस साजिश में शामिल कर लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर लंबे समय से चली आ रही नाराजगी और असुरक्षा की भावना अचानक हिंसक रूप ले लेती है। पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता समय-समय पर ऐसे मामलों में काउंसलिंग और पारिवारिक विवादों को कानूनी तरीके से सुलझाने की सलाह देते रहे हैं।
इसी तरह के अन्य हालिया मामले
मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में हाल के दिनों में प्रेम-प्रसंग से जुड़ी कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। सहारनपुर में एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को जंगल ले जाकर हत्या कर दी थी। पीलीभीत में एक प्रेमिका ने ही अपने प्रेमी की हत्या रॉड से सिर फोड़कर की थी। नागपुर के एक होटल में भी प्रेम-प्रसंग के चलते एक व्यक्ति ने अपनी प्रेमिका की हत्या के बाद खुद को चाकू मार लिया था। ये घटनाएं दिखाती हैं कि किस तरह अनसुलझे रिश्ते कई बार बेहद खतरनाक मोड़ ले लेते हैं।
कानूनी प्रक्रिया आगे क्या
दोनों आरोपियों — शशि रैकवार और नरेंद्र — को गिरफ्तार कर भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया जा चुका है। अब मामला अदालत में है, जहां पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों, CCTV फुटेज और आरोपियों के कथित कबूलनामे के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। हत्या के इस मामले में पुलिस पहले ही मर्ग कायम कर चुकी है और अब चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी।