Dhanbad News: झारखंड के धनबाद में शादी के नाम पर कथित ठगी और मारपीट के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने एक कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग से जुड़े 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह शादी के इच्छुक परिवारों को निशाना बनाकर पहले रिश्ता तय करता था और फिर खरीदारी व अन्य खर्च के नाम पर पैसे और सामान हासिल करता था।
राजस्थान के परिवार को शादी का प्रस्ताव
पुलिस के मुताबिक, मामले की शुरुआत 3 सितंबर को हुई। धनबाद की रहने वाली एक महिला ने राजस्थान निवासी रमेश नट से संपर्क किया और उनके भतीजे की शादी के लिए युवतियों की तस्वीरें भेजीं। बातचीत आगे बढ़ने के बाद राजस्थान से रमेश अपने भाई, भतीजे इकबाल और भाभी के साथ धनबाद पहुंचे।
आरोप है कि धनबाद पहुंचने के बाद उन्हें शादी की तैयारियों के नाम पर खरीदारी कराई गई। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि शादी की रस्में पूरी तरह तय तरीके से कराई जाएंगी।
सिंदूरदान के बाद बदला घटनाक्रम
पुलिस की जांच के अनुसार, परिवार को एक गांव में ले जाया गया, जहां युवती की मांग में सिंदूर भरवाकर शादी की रस्म पूरी कराई गई। इसके बाद कथित तौर पर लड़की पक्ष ने परिवार को अपने घर भोजन के लिए चलने को कहा।
परिवार के वहां जाने से इनकार करने के बाद मामला अचानक बदल गया। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें वहां से भगा दिया। कुछ रिपोर्टों में मोबाइल और अन्य सामान छीने जाने का भी उल्लेख है।
पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपियों को पकड़ा
घटना के बाद राजस्थान निवासी रमेश नट ने 7 सितंबर की शाम बरवाअड्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
डीएसपी मुख्यालय-1 कुमार विनोद के मुताबिक, पुलिस ने मोबाइल नंबर और लोकेशन समेत तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
कपड़े, गहने और मोबाइल बरामद
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के पास से शादी के लिए खरीदे गए कपड़े, गहने और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। कुछ रिपोर्टों में 13 मोबाइल फोन बरामद किए जाने की भी जानकारी दी गई है। बरामद सामान और डिजिटल साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजय दास, राजेश कुमार, मंतोष साव, सुमन विश्वकर्मा, चंदन शर्मा, नीलम देवी, पूजा कुमारी, मकरी देवी, विशु यादव और राजेंद्र साव के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब इन सभी से पूछताछ कर कथित गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
क्या पहले भी लोगों को बनाया गया शिकार?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने शादी के नाम पर पहले भी किसी अन्य परिवार को निशाना बनाया था या नहीं। अधिकारियों के मुताबिक, पुराने मामलों और गिरोह से जुड़े संभावित अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि शादी के लिए परिवारों से संपर्क करने, तस्वीरें भेजने, खरीदारी कराने और कथित फर्जी शादी की रस्म पूरी कराने का पूरा नेटवर्क किस तरह संचालित किया जाता था।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बरामद मोबाइल और अन्य सामान की जांच के साथ आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन या फोन पर तय होने वाले वैवाहिक रिश्तों में बिना पर्याप्त सत्यापन के पैसे या निजी जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।